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एएनएम व दाई निलंबित, स्टाफ नर्स पर भी होगी कार्रवाई
भास्कर संवाददाता - उज्जैन
सख्याराजे प्रसूतिगृह में प्रसूताओं और परिजनों से रिश्वत लिए जाने के मामले में आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। सीएमएचओ ((मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी)) डॉ.लक्ष्मी बघेल ने गुरुवार को एएनएम ((महिला बहुउद्देशीय कार्यकर्ता)) व दाई को निलंबित कर दिया है। वहीं स्टाफ नर्स ज्योत्सना सिंह पर कार्रवाई के लिए संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ.दिलीप नागर को लिखा गया है।
सख्याराजे प्रसूतिगृह में लंबे समय से रिश्वत का खेल चल रहा है। तमाम आदेश-निर्देश के बाद भी यहां प्रसूताओं से रुपए लिए जाते हैं। दैनिक भास्कर ने लगातार रिश्वत मामले को उजागर किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने डीएचओ डॉ.अशोक यादव से जांच करवाई। जांच में प्रसूता से रिश्वत लिया जाना पाया गया। डीएचओ की रिपोर्ट के आधार पर सीएमएचओ डॉ.बघेल ने गुरुवार को एएनएम जेनी चौरसिया व दाई धापू बाई को निलंबित कर दिया। एएनएम को छत्री चौक डिस्पेंसरी व दाई को जीवाजीगंज अस्पताल अटैच किया गया।
॥प्रसूतिगृह में रिश्वत मामले में एएनएम व दाई को निलंबित कर दिया है। स्टाफ नर्स पर कार्रवाई के लिए संयुक्तसंचालक को लिखा है। डॉ.लक्ष्मी बघेल, सीएमएचओ
इनका कहना
॥जिला अस्पताल व माधवनगर अस्पताल में ओपीडी बंद रहेगी लेकिन इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेगी। मरीज अस्पताल में उपचार के लिए आ सकते हैं।ञ्जञ्ज
डॉ.सीडी शर्मा, सिविल सर्जन
पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। सुबह 11 बजे प्रदर्शन करने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।ञ्जञ्ज
डॉ.विनोद गुप्ता,मीडिया ऑफिसर, मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ
यह होगा असर
ओपीडी
जिला अस्पताल, माधवनगर अस्पताल, जीवाजीगंज अस्पताल व सख्याराजे प्रसूतिगृह की ओपीडी ((बाह्य रोगी विभाग)) पूरी तरह से बंद रहेगी यानि यहां न तो इलाज मिलेगा और न डॉक्टर तथा स्टॉफ।
इमरजेंसी
इमरजेंसी सेवाएं देने के लिए जो निजी डॉक्टर उपलब्ध करवाएं हैं, उनसे अस्पतालों की व्यवस्थाएं संभल पाएगी,इसमें संदेह है क्योंकि मात्र 22 डॉक्टर के भरोसे अस्पतालों का संचालन संभव नहीं है।
मरीज
मरीजों को ओपीडी में उपचार नहीं मिल पाएगा। इमरजेंसी में भी सभी मरीजों का उपचार संभव नहीं होगा। हालांकि अस्पताल में पहले से उपचार करवा रहे मरीजों का उपचार सुचारू रूप से चलता रहेगा।
डॉक्टर्स का वेतन कटेगा
स्वास्थ्य आयुक्त पंकज अग्रवाल ने जिला अस्पताल प्रशासन को आदेश जारी किए हैं कि डॉक्टर्स के अवकाश स्वीकृत नहीं किए जाए। सिविल सर्जन डॉ.शर्मा ने बताया कि जो डॉक्टर अवकाश पर रहेंगे,उनकी ब्रेक इन सर्विस मानी जाएगी। अवकाश अवधि की तनख्वाह भी काटी जाएगी।
22 निजी डॉक्टर संभालेंगे सरकारी अस्पताल
जिला अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं के लिए 22 निजी डॉक्टर की व्यवस्था की है। 8 डॉक्टर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के हैं तथा 12 आयुष डॉक्टर व 2 संविदा डॉक्टर हैं। 22 में से 6 महिला डॉक्टर हैं, जिनकी सेवाएं आगर रोड स्थित सख्याराजे प्रसूतिगृह की इमरजेंसी में ली जाएगी। इनके अलावा तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अस्पताल में सेवाएं देंगे।