गेहूं के भाव की कमी से सौदे अटकने लगे
व्यापार संवाददाता - उज्जैन
गेहूं के भाव में असरकारी मंदी शुरू हो गई। एफसीआई के टेंडर बिक्री के १५७० रुपए के भाव डलते ही प्रायवेट सौदे अटकने की खबर है। सरकारी गेहूं का कारोबार करने वाले तो नो प्रॉफिट नो लॉस में रहना बता रहे हैं। कमीशन पर सौदे करवाने वालों की चांदी हो गई। एक सौदे दो बार करवाने पर डबल कमीशन भी मिला। इन दिनों बेस्ट क्वालिटी के गेहूं की कमी होने से भाव २०० रुपए ऊंचे हो गए। व्यापारियों की माने तो आगामी दिनों में अच्छा गेहूं मिलने लगेगा। मिल क्वालिटी गेहूं के भाव १०० रुपए गिरकर रुकने की संभावना अधिक बताई गई है। मशीन क्लीन गेहूं वाले पुराने सौदों में सीधा १०० रुपए का नुकसान भुगत रहे हैं। सरकारी छाप गेहूं की भरमार होने से लेवाल कम भाव में भी इंट्रेस्ट नहीं दिखा रहे। स्माल ट्रेडर्स वालों को ९० क्विंटल गेहूं लोकल स्तर पर एफसीआई जारी कर सकती है। इस प्रकार का गेहूं जल्दी निकला तो माल खूब बिकेगा। खरीदार को ५० रुपए तक का फायदा होगा।
मौसम साफ, खड़ी उपज को फायदा : मौसम साफ रहने से खेतों में खड़ी उपज को खूब फायदा मिल रहा है। किसानों के अनुसार गए हफ्ते बिगड़े मौसम से गेहूं को नुकसान जरुर हुआ लेकिन फसल कटने के बाद ही पता चलेगा। भारी और चमकदार दाना इस बार की गेहूं उपज में मिलेगा। १५ फरवरी से संभाग की कृषि मंडियों में नए गेहूं की आवक बढऩे लगेगी। गल्ला व्यापार में अब नए गेहूं की आवक का इंतजार किया जा रहा है। गेहूं की पैदावार का लक्ष्य गत वर्ष से इस वर्ष अधिक बताया जा रहा है। उज्जैन में ३ सारटैक्स मशीन होने से व्यापारी भी लोकल मशीन क्लीन छोड़कर सारटैक्स क्लीन गेहूं ही अधिक बेचने लगे हैं। ३० किलो और ५० किलो के कट्टों में पैक गेहूं सारटैक्स क्लीन के नाम से बिकता है। बड़ी लाईनों पर गेहूं का व्यापार करने वाले १-२ गाड़ी के एडवांस आर्डर ले चुके हैं। भाव का खुलासा भी डिलेवरी के पूर्व होगा। महानगरों में क्वालिटी पसंद व्यापारी बड़ी भाव पर मालवा का गेहूं खरीदने को राजी हो जाते हैं।
२० रेक गेहूं पोर्ट पहुंचा : सीजन के पहले वेयर हाउस खाली करने का काम जोरों पर चल रहा है। उज्जैन से ३० रेलवे रेक गेहंू के कृष्णा पट्टनम पोर्ट पर पहुंचेंगे इसमें से २० रेक पहुंच चुके हैं। १० रेक फरवरी तक कंपलीट होने खबर है। चिमनगंज मंडी और खिलचीपुर के वेयर हाउस से लोकल में गेहूं वितरण होने से आयात समय में ही रेक लगती है। एक रेक में ६६ हजार कट्टे लोड होते हैं। करीब २० लाख कट्टे अभी तक उज्जैन रवाना होने की खबर है। सरकारी समर्थन दाम पर गेहूं की रिकार्ड बिक्री की संभावना से सरकारी और गैर सरकारी गोदाम में इसे डंप किया जाएगा। किसान वर्ग के पास इस वर्ष अनेक किस्म का गेहूं होने से पहले इसे ओपन आक्शन में ही लगाएंगे। अगर भाव समर्थन दाम से नीचे लगे तो ही इसे सरकार को बेचेंगे।
फसल मंडी में संतरे की बहार, नया सीजन अंगूर का चलेगा : फलों की मंडी चिमनगंज में लोकल संतरे की बहार छाई हुई है। नया सीजन अंगूर, पपीता का चलने वाला है। इंदौर के रास्ते से शहर में फलों की बड़ी आमद होने से मंडी में तो इक्का दुक्का गाड़ी फलों की बिकने पहुंचती है। पहले मिर्चीनाला में फल मंडी में तो सभी प्रकार के फलों की बहार रहती थी। चिमनगंज का नया मार्केट फलों के इंतजार में सुना ही अधिक रहता है। फलों पर मंडी को 2 फीसदी टैक्स भी मिलता है। अंगूर, सेवफल, अनार की आवक पेटी में ही अधिक हो रही है। शहर में रोज लाखों रुपए के फल बिकते हैं। खेरची व्यापारियों द्वारा इंदौर के फलों को खरीदकर बेचना लाभ वाला सौदा बताया जाता है।
उज्जैन - अमावस्या की नीलामी अवकाश संभाग की अधिकतर कृषि मंडियों में रहा। प्रायवेट सौदो में सोयाबीन महंगा बिका। डालर भाव-भाव बिकने से आगे तेजी अटकती दिख रही है। खेरची आवक ५०-६० कट्टे की रही। वायदा डिब्बा सोयाबीन का महंगा खुला।
लोहा बाजार : टेस्टेड सरिया ४२५० रुपए क्विंटल। खली के भाव : उज्जैन खली १००० से १०३०, कपास्या १८२५ से १९५०, खली खामगांव १७७० से १८७० रुपए। उज्जैन मावा : मावा १३० से १५२ रुपए प्रति किलो।
खाचरौद - सोयाबीन २८०० से ३८६९, गेहूं १५२५ से १९००, चना २२०० से २७०१, चना डालर २७०० से ३६९९ रुपए के भाव रहे।