राम विवाह पर गाए मंगल गीत
कार्यालय संवाददाता - विदिशा
रामलीला के नवें दिन श्रीराम विवाह उत्सव की लीला का प्रदर्शन किया गया। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्नजी का पाणिग्रहण संस्कार वैदिक विधान के साथ संपन्न हुआ। चारों राजकुमारों का विशेष श्रृंगार किया गया था। जनकपुरी को सजाकर घर-घर में मंगल गान गाए गए। महाराज जनकने जानकीजी के विवाह की सभी व्यवस्थाएं की थी। बारातियों का आत्मीय सत्कार किया गया। जनकपुरी में चारों राजकुमारों श्री जानकीजी, उर्मिला, मांडवी एवं श्रुति कीर्ति का मनोहारी श्रृंगार किया गया। पाणिग्रहण संस्कार के लिए आकर्षक मंडप सजाए गए थे। सभी पुरवासी हर्षित हुए। चारों राजकुमारों एवं राजकुमारियां विवाह मंडप में आई। वहां वैदिक एवं लौकिक रीतियों द्वारा विधिविधान से शतानंदजी एवं ऋषि मुनियों द्वारा पाणिग्रहण संस्कार कराया गया।
अयोध्या में मनेगा विवाह उत्सव
विदिशा। रामलीला के दसवें दिन 23 जनवरी को अयोध्या में विवाह उत्सव मनाया गया और दशरथ सभा का आयोजन हुआ। श्रीराम बारात के अयोध्या वापसी के बाद चारों तरफ हर्षोल्लास का वातावरण होगा। घर-घर में खुशियां मनाई जाएंगी तथा मंगल गीत गाए जाएंगे। पुर की नारियां प्रसन्न होकर सुसज्जित स्वर्ण थालियों से चारों राजकुमारों एव बहुओं की आरती उतारी जाएगी। राजमहल में माताएं द्वार पर बहुओं सहित कुमारों की आरती उतार कर गहने, मणि, वस्त्र आदि न्योछावर करेंगी। वेद एवं कुल की रीति से अर्ध पांवड़े देती हुई महल में प्रवेश करेंगी। महाराज दशरथ बारातियों को वस्त्र, मणि एवं गहने भेंट करेंगे एवं अयोध्या के सभी नर-नारियों को पहरावनी देंगे। महाराज दशरथ की ओर से अयोध्या में ब्राह्मण भोज होगा, जिसकी व्यवस्था स्वयं चारों राजकुमार देखेंगे। ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा स्वयं महाराज प्रदान करेंगे। अयोध्या में दशरथ सभा का आयोजन होगा। जिसमें गुरु वशिष्ठजी, विश्वामित्रजी, गुरुजन, ऋषि मुनि, सभासद, दरबार पंडित, नारद मुनि सहित चारों राजकुमार सभा में उपस्थित होंगे। इस अवसर पर महाराज दशरथ अपने संदेश में प्रजाजनों को धर्म एवं राजनीति के परस्पर व्यवहार का संदेश देने के पश्चात श्रीराम को राजतिलक की घोषणा करेंगे।
लीला के दौरान श्रद्धालुओं ने पखारे भगवान के पैर
विदिशा। विवाह के दौरान चारों राजकुमारों की वरमाला रस्म हुई।