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डाउनलोड करेंविदिशा. जिले भर में स्वास्थ्य केंद्रों के बुरे हाल हैं। पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की नब्ज ढीली है। जिले के 3 स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी डाक्टर पदस्थ नहीं हैं। वहीं पीपलखेड़ा जैसे कई स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जो पिछले 5 सालों में भी बनकर तैयार नहीं हुए हैं। जिन स्वास्थ्य केंद्रों में निर्माण कार्य पूरा हो गया है और वे पूरी तरह से तैयार हैं तो भी उनका शुभारंभ नहीं किया जा रहा है।
इसमें गंजबासौदा का नवनिर्मित नेत्र चिकित्सालय और प्राइवेट वार्ड का भवन शामिल है। जिला अस्पताल विदिशा के और बुरे हाल हैं। यह एक रेफरल हास्पिटल है और यहां विशेषज्ञ डाक्टरों की भारी कमी चल रही है। पूरे जिले के हेल्थ सेंटरों में गौर किया जाए तो आधे से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं।
जिला अस्पताल में ही आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे डाक्टर हैं जो 6 साल से भी ज्यादा समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं। इनमें कई तो ज्वाइन करने के बाद ही दोबारा नहीं लौटे हैं।
पीपलखेड़ा में 5 साल में भी पूरा नहीं अस्पताल
विदिशा। नटेरन ब्लाक के ग्राम पीपलखेड़ा में वर्ष 2009 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंजूर हुआ था। इसके बाद वर्ष 2010 में इसे अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया और 1 करोड़ 97 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई। पिछले 5 सालों में यहां केवल अधूरा स्ट्रक्चर ही खड़ा है। यहां स्वास्थ्य केंद्र खुलने का लोगों का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। इलाज के लिए आसपास क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
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