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हनुमान मंदिर में धूमधाम से मना स्वामी रामानंदाचार्य का जन्मोत्सव
कार्यालय संवाददाता - विदिशा
गुरुवार को नगर के सुप्रसिद्ध रंगई घाट स्थित दादा मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में जगतगुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर दिनभर विधि-विधान से पूजन के साथ भजन-कीर्तन हुए। जन्मोत्सव के मौके पर ही स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का भव्य चित्र भी स्थापित किया गया। स्वामीजी के चित्र के समक्ष पूजन और महाआरती के बाद भजनों का दौर चला। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंदिर के पुजारी अखिलेश्वरानंददास महाराज ने कहाकि स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का जन्म ऐसे समय हुआ था जब धर्म का हृास हो रहा था।
उन्होंने अपने सद्प्रयासों से सनातन धर्म के अनुयायियों पर आए संकट का निवारण किया। वे प्रभु श्रीरामचंद्र भगवान के अंशावतार माने जाते हैं। उन्होंने पूरे देश में पदयात्रा के माध्यम से लोगों को एकता के सूत्र में पिराने का काम किया। श्रीराम भक्तिधारा में उनके अनुकरणीय योगदान को भुलाया नहीं सकता। इस दौरान रामनारायण शास्त्री आचार्य ने कहाकि स्वामी रामानंदाचार्य का जन्म 10वीं शताब्दी में प्रयागराज की पवित्र भूमि में हुआ था। उन्होंने धर्म की स्थापना में विशेष योगदान दिया। काशी में जाकर लंबे समय तक सनातन धर्म की सेवा करते रहे। अपने काल में आततायियों का डटकर मुकाबला किया और धर्म की स्थापना में सहयोग किया।
पूरे देश में मनाए जा रहे उनके जन्मोत्सव की श्रृंखला में विदिशा में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। अगले साल से विदिशा में भव्य कार्यक्रम होगा और रामानंदाचार्यजी की शोभायात्रा भी निकाली जाएगी और धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
आयोजन - विधि-विधान से पूजन के बाद भजन-कीर्तन हुए
सनातन धर्म की रक्षा में योगदान को सराहा गया
विदिशा। प्रतिमा की पूजा अर्चना करते महाराज जी।