पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • तेज आंधी पानी से गेहूं की फसल आड़ी

तेज आंधी-पानी से गेहूं की फसल आड़ी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कार्यालय संवाददाता - विदिशा
बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात रुक-रुककर हुई बारिश से पूरा जिला तरबतर हो गया है। शहरी क्षेत्रों में बारिश से जहां सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया वहीं ग्रामीण अंचलों में कहीं फायदा तो कहीं नुकसान होना बताया जा रहा है।
जिला मुख्यालय के आसपास करीब करीब आधा दर्जन गांवों में तेज बारिश होने से गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सर्वे करवाकर मुआवजा दिया जाए और फसल बीमा योजना का लाभ भी मिलना चाहिए। बीते 24 घंटे के दौरान जिले में औसतन 22 मिमी और पूरे विंटर सीजन में 39 मिमी बारिश हुई है।
बुधवार और गुरुवार को हुई बारिश से किसान चने और मसूर आदि दलहनी फसलों को फूल झडऩे से नुकसान होना बता रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी इस बारिश से फसलों को फसलों के लिए वरदान बता रहे हैं।
इन गांवों में फसल हो गई चौपट
जिला मुख्यालय के नकदीकी ग्राम धतूरिया, पांझ, कुआंखेड़ी, कराखेड़ी, मिर्जापुर और डाबर आदि कई गांवों में बीती रात तेज बारिश से गेहूं की पूरी फसल आड़ी हो गई है।
इसके अलावा चना, मसूर, बटरा आदि फसलें भी जमीन में गिर गई हैं। इससे किसानों की उम्मीदों पर तुषारापात हुआ है। ग्राम धतूरिया के पूर्व सरपंच सुंदरसिंह दांगी, जिला पंचायत सदस्य गुरारिया तेजसिंह बघेल, सुनील दांगी तिलक भदौरा, जसवंत यादव चिड़ौरिया और राजकुमार पासी आदि ने प्रशासन से सर्वे करवाकर मुआवजा दिलवाने और फसल बीमा योजना का लाभ दिलवाने की मांग की है।
ओले से भी हुआ था नुकसान
विगत 17 जनवरी को विदिशा, ग्यारसपुर और गुलाबगंज क्षेत्र में ओले गिरने से 43 गांवों की फसल चौपट हो गई थी। इसमें ग्यारसपुर तहसील के 19, विदिशा के 13 और गुलाबगंज के 11 गांव शामिल हैं।



कहां कितनी बारिश

बीते २४ घंटे में जिले भर में करीब २२ मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश अमूमन इस सीजन में इतनी अधिक बारिश बहुत कम होती है। बुधवार की रात १०.३० बजे से कभी तेज कभी रिमझिम के तौर पर रुक-रुककर देर रात तक बारिश हुई। २४ घंटों में विदिशा ब्लाक में २२ मिमी बारिश हुई है, वहीं बासौदा में १५.४, कुरवाई में २४, सिरोंज में २६, ग्यारसपुर में ११, गुलाबगंज में २२, नटेरन में २४ और लटेरी में सर्वाधिक २७ मिमी बारिश दर्ज की गई है।



5 लाख 20 हजार हे. है रबी का रकबा

जिले में कुल 5 लाख 20 हजार हेक्टेयर में रबी फसलों का रकबा है। इसमें 2 लाख 61 हजार में गेहूं, 1 लाख 97 हजार में चना, 45 हजार में मसूर, 9 हजार में तिवड़ा और 7 हजार हेक्टेयर में मटर आदि की फसलें शामिल हैं। पिछले साल गेहूं का रकबा का 2.50 हेक्टेयर में था। इस साल यह 11 हजार हेक्टेयर बढ़ गया है।

मेहलुआ चौराहा

फसलों को फायदा होगा

॥विंटर सीजन की बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा। सिंचाई की बचत होगी। फसलों को लाभ की स्थिति ज्यादा है। जिन क्षेत्रों में तेज बारिश से चने और मसूर में फूल झडऩे की बात सामने आ रही है, वहां नुकसान हो सकता है। गेहूं की जो फसलें आड़ी हो गई हैं, वहां मौसम साफ होने के बाद फसलें ठीक हो सकती हैं।

डा. आनंद कुमार बड़ोनिया, डीडीए विदिशा

बारिश से चने और मसूर को नुकसान

सिरोंज। दीपनाखेड़ा इलाके में बारिश का दौर शाम पांच बजे से शुरू हो गया था। वहीं शहरी क्षेत्र में शाम साढ़े छह बजे से शुरू हुआ तेज बारिश का दौर रात नौ बजे तक चला। इसके बाद सारी रात रिमझिम बारिश शहर को भिगोती रही। सारी रात हुई बारिश रबी की फसल मुख्य रूप से चने और मसूर के लिए नुकसानदायक बताई जा रही है। ग्राम सब्दलपुर के किसान भूरा रघुवंशी एवं घोसुआ के किसान राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि तेज बारिश की वजह से चने और मसूर की फसल का फूल झड़ गया है। वहीं अनेक खेतों में चने की फसल खेत में बिछ गई है। जिन किसानों ने खेतों में पानी दे दिया था उन्हें भी इस बारिश से नुकसान हुआ है, जबकि जो किसान पानी देने का इंतजार कर रहे थे उन्हें फायदा भी हुआ है। कृषि अधिकारी सीएस त्रिपाठी ने बताया कि रात में अगर मौसम खुल जाता है तो बारिश से हुए नुकसान की भरपाई होने की संभावना है।



ञ्चकिसानों ने फसलों का सर्वे और मुआवजा की मांग की

ञ्च24 घंटों में 22 मिमी बारिश दर्ज, अब तक 39 मिमी बारिश

आफत की बारिश - चने और मसूर की फसल के फूल झड़े, गेहूं की फसल में भी नुकसान

बर्बाद हो गए किसान

॥बेमौसम बारिश से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी से गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। चने और मसूर की फसल में फूल झड़ गया है। पिछले खरीफ सीजन में भी किसानों को सोयाबीन में नुकसान का सामना करना पड़ा था।

भारत सिंह दांगी, किसान ग्राम धतूरिया

नुकसान ज्यादा फायदा कम

॥बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात आफत की बारिश हुई है। इलाके में गेहूं की फसल को भारी क्षति हुई है। नुकसान की भरपाई प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए। वहीं फसल बीमा योजना का लाभ भी मिले।

अशोक चतुर्वेदी,किसान ग्राम सुमेर

विदिशा। बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात हुई बारिश और हवा से ग्राम मिर्जापुर-धतुरिया के आसपास खेतों की फसल जमीन पर बिछ गईं।