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एक बार आठ दिन तक टला था रावण वध: चंद्रकिशोर शास्त्री

8 वर्ष पहले
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विदिशा। बारिश तथा मैदान में पानी भर जाने के कारण रामलीला को दो दिन आगे बढ़ाना कोई नहीं बात नहीं है। एक बार तो रावण वध की लीला आठ दिन आगे बढ़ गई थी। 113 वर्षों के इतिहास में ऐसे कई अवसर आए जब रामलीला को किसी न किसी कारण से स्थगित करके आगे बढ़ाना पड़ा था। इनमें बारिश सबसे प्रमुख कारण रहा है।
रामलीला के प्रधान संचालक पं. चंद्रकिशोर शास्त्री ने बताया कि संभवत: वर्ष 1983 में लगातार बारिश तथा ओले गिरने से रामलीला को आठ दिन तक स्थगित रखना पड़ा था। तब रावण वध भी निर्धारित तिथि से काफी विलंब से हुआ।ऐसे अवसर आधा दर्जन बार आ चुके हैं। कई बार लीला से संबंधित सदस्यों के अवसान तो एक बार अंग्रेज शासक के निधन के कारण शोक स्वरूप लीला को स्थगित किया गया था।
श्री शास्त्री ने बताया कि पहले तो केवल आठ, कालांतर में 14 दिनों की रामलीला होती थी लेकिन बाद में व्यवसायियों की मांग पर बड़ी लीलाओं को संक्षिप्त कर इसे 24 दिनों तक बढ़ाया गया। समय तथा परिस्थिति के अनुसार लीला के दिनों में परिवर्तन किया जाता रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा। शनिवार को रामलीला प्रांगण की स्थिति को देखने के बाद यह तय किया जाएगा रावण वध की लीला को आगे बढ़ाया जाए या छोटी लीलाओं में एडजस्ट कर यथावत रखा जाए।