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अवैध खदान को लेकर किया था अपहरण

7 वर्ष पहले
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सचिन शर्मा - अशोकनगर
26 जनवरी को विदिशा जिले के गंजबासौदा से भिंड मुरैना के करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने पूर्व मंत्री वीरसिंह रघुवंशी के पुत्र हेमंत का अपहरण किया था। दिन दहाड़े बंदूकों की नोक पर गोलियां बरसाते हेमंत को यह बदमाश अशोकनगर के रास्ते मुरैना की ओर ले जाना चाह रहे थे। मगर जिले के बहादुरपुर थाने की पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की सहायता से इन बदमाशों में से 5 को गिरफ्तार कर लिया था।
खुलेआम खूनी खेल की यह कहानी दरअसल खदान व्यवसाय में अपनी बादशाहत को कायम करने की रणनीति थी। दरअसल विदिशा एवं आसपास के जिलों में अधिकारियों की मिली भगत एवं राजनेताओं के सरंक्षण में खदानों में अवैध उत्खनन का धंधा जोरों से चल रहा है। इस घटना ने इस बात को पुष्ट कर दिया है। करोड़ों रुपए की आमदनी को देखते हुए अवैध कब्जे को लेकर यह खूनी संघर्ष सामने आया है। हकीकत तो यह है कि जिस जगह की खदान को लेकर यह घटना घटी है वहां दोनों की पक्ष में से किसी का भी कोई आधिकारिक परमिट या लीज नहीं है। घटना के दो दिन बाद जिला चिकित्सालय में एक्सरे कराने पहुंचे हेमंत रघुवंशी ने इस घटना के पीछे की पूरी कहानी सुनाई। पूर्व मंत्री के बेटे हेमंत ने बताया कि इमलिया के पास उनको शासन ने एक रेत खदान की अनुमति दी थी। इसी इलाके में नीटू दंडोतिया और उसके गिरोह के लोग अवैध रूप से खदानों पर कब्जा करना चाह रहे थे। डेढ़ साल पहले भी विदिशा जिले की खदानों पर बोली लगाने के दौरान विवाद हुआ था। तभी से खदानों पर कब्जे की फिराक में थे। मगर पूर्व मंत्री के पुत्र हेमंत और उसके साथियों द्वारा इस इलाके में खदान पर उत्खनन के कारण उनके मनसूबे पूरे नहीं हो पाए थे। जिस इलाके की खदान को लेकर संघर्ष हुआ है उस पर किसी का भी आधिकारिक हक नहीं है। आरोपी गण पूर्व में भी हेमंत को इस इलाके से दूर रहने के लिए धमकियां दे चुके थे। घटना के पूर्व करीब 3-4 दिन से हेमंत को अगवा करने की रणनीति आरोपियों द्वारा बनाने की बात श्री रघुवंशी ने बताई।