चित्रकूट में हुआ भरत मिलाप
विदिशा। मंगलवार को रामलीला के पंद्रहवें दिन भगवान राम का चित्रकूट पर भरत मिलाप हुआ। लीलाक्रम में भगवान राम, लक्ष्मण एवं जानकीजी चित्रकूट मुनि आश्रम पहुंचे। चारों ओर खुशियां छाई थी।
इधर अयोध्या में महाराज दशरथ श्रीराम के वियोग में प्राण त्याग देते हैं। पूरी नगरी में शोक छा जाता है। मुनिगण आकर धैर्य बंधाते हैं। भरत और शत्रुघ्न को माता के यहां से बुलावा आता है। दोनों भाई माता कौशल्या के यहां जाते हैं। फिर माता कैकयी के यहां जाकर पिताश्री के बारे में पूछते हैं।
मां द्वारा यह कहने पर कि बेटा मैंने तुझे राजपाट दिला दिया है को सुनकर माता कैकयी एवं भरत में तीखा संवाद होता है। दोनों भाई मंथरा की पिटाई कर देते हैं। दोनों भाई, गुरुजन, प्रजाजन राजकीय सम्मान के साथ महाराज दशरथ का अंतिम संस्कार करते हैं।