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जितनी फीस ली जाती है, उतनी ही छात्रवृत्ति दी जाए

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - विदिशा
अनुसूचित जाति-जनजाति छात्र संघ ने इंजीनियर कालेज में अध्ययनरत एससी-एसटी के छात्रों की समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षित करते हुए मुख्यमंत्री से इनके निराकरण की मांग की है।
संघ जिलाध्यक्ष इंजी. निशा बांगरे द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संस्था द्वारा जितनी फीस छात्रों से ली जाती है उतनी ही फीस छात्रवृत्ति के माध्यम से छात्रों को मिलना चाहिए। ताकि गरीब छात्र पढ़ाई छोडऩे के लिए बाध्य न हो। वर्तमान में जितनी फीस संस्था द्वारा ली जाती है उसी के अनुसार छात्रवृत्ति नहीं मिलती है।
छात्रों को स्टेशनरी जैसे मिनी ड्राफ्टर, केलकूलेटर, ड्रंाइग बोर्ड, कापी, पेन, पेंसिल, इरेजर इत्यादि के लिए प्रत्येक छात्र को दो हजार रुपए के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में यह राशि बहुत कम है कभी तो यह स्टेशनरी मिलती ही नहीं है। छात्रों को पढ़ाई के लिए संपूर्ण कोर्स की किताबें संस्था की लाइब्रेरी में नहीं मिलती है। कुछ किताबें मिलती है तो वह पुरानी या फटी होती है। कमजोर छात्रों को सांयकालीन कोचिंग क्लासेस प्रारंभ की जाए, छात्रवृत्ति के लिए माता-पिता की आय सीमा बढ़ाकर न्यूनतम पांच लाख रुपए की जाए, ताकि छोटे कर्मचारियों एवं मध्यम वर्ग के लोगों के बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त हो सके। एसएटीआई केंपस में एससी/एसटी के छात्रों को 200-200 सीटर के दो छात्रावास((एक बालिका एवं एक बालक)) खोले जाए ताकि छात्र-छात्राएं इसमें रहकर नि:शुल्क पढ़ाई कर सकें। छात्रों को एक-एक लेपटाप, टेबलेट नि:शुल्क दिया जाए। क्योंकि टेक्निकल शिक्षा में कम्प्यूटर का उपयोग अधिक होता है।
एसएटीआई के डिग्री-डिप्लोमा कालेज को शासकीय घोषित किया जाकर इनसे राजनैतिक हस्तक्षेप समाप्त कराया जाए।



मुख्यमंत्री से कहा, दी जाए छात्रों को राहत