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मैं मंदिर क्यों जाऊं मेरे घर पर मेरी मां है..

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - निवाली
श्री खेड़ापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में सोमवार रात को हुए हास्य निमाड़ी कवि सम्मेलन में किसी ने देश भक्ति कविता सुनाकर लोगों में जोश जगाया तो किसी ने मोबाइल व राजनेताओं पर व्यंग्य कसकर गुदगुदाया। जोरदार ठंड के बाद भी देररात तक श्रोता डटे रहे। इसमें नगर सहित आसपास के करीब 5 हजार श्रोताओं ने रोचक रचनाओं का लुत्फ उठाया। सनावद के कवि दीपक पगारे ने रचना सुनाते हुए कहा जीवन की कठिन राह पर चल कर मुझे गोद से दुनिया में चलाने वाला मेरे लिए सबसे बड़ा भगवान है..., खुद भूखी प्यासी रहकर बारिश, ठंड का कहर और धुएं में रोते हुए खाना बनाकर खिलाने वाली मेरी मां ईश्वर है..., मैं मंदिर क्यों जाऊं मेरे घर पर मेरी मां है...।
रात 9 बजे मां सरस्वती पूजन के बाद कवि सम्मेलन शुरू हुआ। श्री पगारे ने दगडिय़ों तू केतरो सयानो हुई गयो.. से लोगों को गुदगुदाया। कवि सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. शैलेंद्र चौकड़े ने हास्य व्यंग्य सुनाते हुए कहा इमारत को मत देखो नींव अभी भी मजबूत है, भगवान की कृपा से मेरे भी दो बच्चे और एक पत्नी है...। श्री चौकड़े ने निमाड़ में मोबाइल का उपयोग पर कविता सुनाकर लोगों को हंसाया। कवि मुकेश मालवा इंदौर, विष्णु विश्वास खाचरोद, पूजा भारती नागदा, ब्रजेश बड़ौले खरगोन, शरद त्रिवेदी कसरावद, राजेश चौहान निवाली अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष नंदकिशोर शर्मा, सरपंच प्रदीप जाधव, कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष छगन सिसौदिया, राजेंद्र गोयल, मायाभाई सिसौदिया सहित अन्य लोग उपस्थित थे।




कविता पाठ करते सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. शैलेंद्र चौकड़े और मंच पर उपस्थित कवि।

निमाड़ी कवि सम्मेलन - कवियों ने सुनाई रचना, ठंड के बाद भी देर रात तक जमे रहे श्रोता, राजनेताओं पर व्यंग्य कसकर गुदगुदाया