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स्वच्छ जल गुणवत्ता परीक्षण में लोगों की सहभागिता भी जरूरी
भास्कर संवाददाता - राजपुर
पानी का सीधा संबंध स्वास्थ्य से जुड़ा है। जल स्रोतों से स्वच्छ जल की गुणवत्ता परीक्षण में लोगों को भी स्वयं अपनी सहभागिता सुनिश्चित करना होगी। ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध फील्ड टेस्ट किट्स के माध्यम से अपने स्रोतों के जल गुणवत्ता का पता आसानी से लगाया जा सकता है या जल नमूनों का परीक्षण विभाग की लेबोरेटरी में नि:शुल्क कराया जा सकता है।
यह बात स्वच्छ जल पर हुए प्रशिक्षण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार नरेंद्र जायसवाल ने कही। जनपद पंचायत राजपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत विकासखंड स्तर के अफसर-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सेडमैप संस्था के माध्यम से एक दिनी प्रशिक्षण मंगलवार को रखा। प्रशिक्षण में समग्र स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य पंचायत एवं ग्रामीण, शिक्षा, जनपद, महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी स्तर के अमले ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पीने के पानी से संबंधित चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यपालन यंत्री केएस पंवार ने नल कनेक्शन उपभोक्ताओं से कहा वे जलकर की राशि नियमित पंचायत में जमा कराएं। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक मौसम में साफ पानी पीने के लिए एवं घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराना है। विभाग हैंडपंप स्थापना, प्लेटफार्म निर्माण, क्लोरिनेशन एवं जल परीक्षण के लिए प्रत्यक्ष रूप से संसाधन उपलब्ध कराता है। वहीं विभागीय योजनाओं के अंतर्गत नलजल योजना, स्थल जल योजना, मुख्यमंत्री योजना एवं समूह योजनाओं के माध्यम से संरचनाओं का निर्माण करता है।
स्वच्छ जल के तहत प्रशिक्षण में शामिल कर्मचारी।
स्वच्छ जल के तहत प्रशिक्षण में नरेंद्र जायसवाल ने कहा