• Hindi News
  • फेरीवालों को लोन देने के लिए बैंक मांग रही है गारंटी

फेरीवालों को लोन देने के लिए बैंक मांग रही है गारंटी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता. पलसूद
मुख्यमंत्री की घोषणा के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर में फेरीवालों को ऋण की राशि नहीं मिली है। इससे फेरीवालों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जबकि मुख्यमंत्री द्वारा इस संबंध में तत्काल राशि जारी करने की बात कही गई थी। इस योजना के तहत फेरीवाले बैंक व नगर परिषद को आधी आधी राशि देना थी। इसमें नगर परिषद ने तो अपने हिस्से की राशि जमा कर दी लेकिन बैंक ने अब तक फेरी वालों को लोन नहीं दिया है। बैंक द्वारा लोन की राशि देने के लिए ग्यारंटी देने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी बैंक लोन नहीं दे रही है तो आम आदमी को लोन कैसे मिलता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
राधेश्याम परमार व साबिर अली ने बताया नगर में करीब 25 फेरी वालों को मुख्यमंत्री ((पथ विक्रेता)) शहरी गरीब कल्याण योजना-2012 के अंतर्गत 5 हजार रुपए प्रति व्यक्ति ऋण स्वीकृत किया गया था। इस पर नगर परिषद द्वारा ऋण स्वीकृति के लिए सूचना पत्र भी संबंधितों को जारी किए थे। फेरी वालों ने कहा हम सभी मात्र 5 हजार रुपए के लिए बैंक के चक्कर लगा लगाकर परेशान हो चुके है। जब मुख्यमंत्री योजना के यह हाल है तो दूसरों का बैंक क्या करती होगी। मुख्यमंत्री ने फेरी वालों की पंचायत में इन्हें इज्जत से व्यापार करने के लिए लाइसेंस भी जारी किए थे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि फेरी वालों को कोई परेशान करता है तो उसे तत्काल निलंबित किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए बाबूलाल गौर व मनोहर ऊंटवाल को अधिकृत किया गया है। फेरी वाले तेजराम गोले, कमलेश सोनी, फरीद खां, कदीर शेख, कैलाश गोस्वामी, बबलू चलोटा व शांतिलाल मधुकर सहित अन्य ने ऋण की राशि देने की मांग की है।




अभी हमारे पास कोई आदेश नहीं आए

॥योजना के संबंध में जानकारी लूंगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। योजना के संबंध में हमारे पास कोई आदेश नहीं आए है।॥

-विजय मेहरा, प्रबंधक एसबीआई

हमने अंशदान जमा किया, बैंक ने नहीं

॥इस योजना के लिए अनुदान की राशि के 62 हजार 500 रुपए हमारे द्वारा बैंक में जमा कर दिए गए है। बाकि 62 हजार 500 रुपए लोन की राशि बैंक जमा करेगी।॥

वालसिंह डामोर, सीएमओ पलसूद

इनको भी मिलना था लाभ

योजना के तहत फेरी वालों को विवाह के लिए सहायता राशि, बीमा, मुखिया की मृत्यु पर 75 हजार रुपए, स्थाई विकलांगता पर 37500 और सामान्य मृत्यु पर 30 हजार रुपए देने का प्रावधान था लेकिन लोगों को किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

नगर परिषद ने जमा किए अनुदान के रुपए

नगर परिषद ने 28 मार्च 2014 को 62500 रुपए की राशि जमा की थी। फिर भी बैंक मैनेजर ग्यारंटी की बात कर रही है। बैंक कर्मचारी नगर परिषद अध्यक्ष की ग्यारंटी होने पर ही लोन देने की बात कही जा रही है। ऐसे में अनुदान की 62500 रुपए की राशि व्यर्थ पड़ी है। जो ना तो गरीबों के काम आ रही है। ना ही अन्य उपयोग में। संबंधितों ने कहा जब लोन ही नहीं मिल रहा तो कैसी योजना कैसा लाभ।



नगर परिषद द्वारा दिए गए ऋण स्वीकृति पत्र को दिखाते फेरीवाले ।



: सीएम की घोषणा के दो साल बाद भी नहीं मिला फेरीवालों को ऋण