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शहर में नहीं रैन बसेरा

8 वर्ष पहले
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बेसहारा व भिक्षुकों को खुले गुजारना पड़ती रात

भास्कर संवाददाता - शुजालपुर

नगर में एक समय था सिटी क्षेत्र में एक रैन बसेरा हुआ करता था। लेकिन अब यहां पर यह सुविधा नहीं होने के कारण भिक्षावृत्ति करने वाले और बेसहारा लोगों को कड़ाके की ठंड में भी खुले में रात गुजारना पड़ती है।

पिछले साल एक वृद्ध की मौत मंडी बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय में तेज ठंड के कारण हो चुकी है। उसके बाद भी यहां पर यह सुविधा न तो नपा द्वारा शुरू की गई और न कोई सामाजिक संगठन इसके लिए आगे आया है। यहां पर पहले इसके नाम पर एक एनजीओ ने काफी राशि ली। लेकिन इसके नाम पर जो रैन बसेरा चल रहा था वह महज औपचारिक बना हुआ था। रैन बसेरा नपा की जगह पर बना हुआ था। जिसे नपा ने खाली कराकर वहां दुकानों का निर्माण कर दिया गया है। नगर में तेज ठंड के दौरान बेसहारा लोगों के ठहरने के लिए एक रैन बसेरे की आवश्यकता लंबे समय से महसूस हो रही है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान अभी तक नही दिया गया। इस कारण बेसहारा लोगों को बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन व इधर-उधर भटकते हुए देखा जा सकता है। कहीं ऐसा तो नहीं कि नगर में कोई रैन बसेरा किसी एजीओ द्वारा सिर्फ कागजों पर ही चलाया जा रहा है। नगर पालिका सीएमओ अशोक वशिष्ठ का कहना है कि जो रैन बसेरा संचालित हो रहा था वह क्यों बंद हो गया, इस बारे में परिषद की बैठक में विचार कर जरूरी हुआ तो फिर से इसको शुरू कराया जाएगा।