कंपनी ने काटी वाटर वक्र्स की बिजली
भास्कर संवाददाता - शुजालपुर
सूचना देने के बाद भी बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर कंपनी ने सख्त कदम उठाया और आवश्यक सेवा वाटर वक्र्स का बिजली कनेक्शन काट दिया। इससे नगर पालिका की पेयजल सप्लाई व्यवस्था ठप हो गई। पानी सप्लाई नहीं होने के कारण वार्ड 20, 21, 13 और 8 के रहवासियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
कनेक्शन मंगलवार सुबह 11 बजे तब काटा, जिस समय जलप्रदाय जारी था। अचानक बिजली बंद होने से सिटी और मंडी क्षेत्र के वार्ड 20, 21, 13, 8 सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में नलों में पानी नहीं पहुंचा। मामले में नगर पालिका ने कंपनी को अगले दिन यानी बुधवार को बिजली बिल भुगतान करने का भरोसा दिलाया। इस पर कंपनी कर्मचारियों ने मंगलवार रात करीब 8 बजे कनेक्शन वापस जोड़ दिया। लेकिन कुछ घंटों के लिए बंद की गई बिजली ने शहर की पेयजल व्यवस्था गड़बड़ा दी। नपा के पास संसाधन कम है तथा उसके पास जलप्रदाय करने के लिए शिफ्ट अधिक होने के कारण इस प्रकार की स्थिति बन रही है। वहीं बिजली कंपनी द्वारा जलप्रदाय करने वाले वाटर वक्र्स की बिजली बंद करने की कार्रवाई की निंदा की जा रही है। क्योंकि बिजली बंद होने से शहरवासियों को परेशानी झेलना पड़ रही है। पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक अग्रवाल का कहना है कि बिजली कंपनी द्वारा इस तरह बिजली बंद करना अनुचित है। इसके लिए संयम बरतना चाहिए। क्योंकि जलप्रदाय स्रोतों की बिजली बंद करने से इसका असर आम जनजीवन पर पड़ता है।
४ लाख थे बकाया-नगर के जलप्रदाय करने वाले वाटर वक्र्स का बिजली कंपनी की नपा पर कोई ज्यादा बकाया राशि नहीं है। इसके बाद भी बिजली बंद करने की कार्रवाई की गई। बिजली कंपनी को गत माह महज 4 लाख 27 हजार रुपए लेना बाकी थे। इसके बाद भी कंपनी ने लोगों के हितों का ध्यान नहीं रखते हुए वाटर वक्र्स की बिजली बंद कर दी।
पूर्व में भी हुई कार्रवाई -पूर्व में भी बिजली कंपनी ने नगर के मंडी व सिटी क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट बकाया होने के कारण बंद कर दी थी। हालांकि अभी स्ट्रीट लाइट का बकाया है लेकिन इस बार बिजली कंपनी द्वारा वॉटर वक्र्स की बिजली बंद करके लोगों को परेशानी में डाल दिया।
॥नपा द्वारा हर समय प्रयास किया जाता है कि बिजली कंपनी का वाटर वक्र्स का बिल समय पर जमा करा दे। इसमें कई बार देरी हो जाती है। लेकिन जिस तरह बिजली कंपनी ने वाटर वक्र्स की बिजली बंद की, यह गलत कदम है।ञ्जञ्ज
कैलाश सोनानिया, जल सभापति नपा
॥नपा को बकाया राशि जमा करने के लिए पूर्व में सूचना दे दी गई थी। इसके बाद भी बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। ऐसे में मजबूरन सख्त कदम उठाना पड़ा।ञ्जञ्ज
एस.के. गोयल, ईई, बिजली कंपनी