- Hindi News
- अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप, एक परिसर में संचालित दो छात्रावासों में से एक में ही गए थे निरीक्षण
अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप, एक परिसर में संचालित दो छात्रावासों में से एक में ही गए थे निरीक्षणकर्ता
भास्कर संवाददाता - मनावर
यहां आदिवासी विकास विभाग की मनावर के उत्कृष्ट कन्या शिक्षा केंद्र की अधीक्षिका लीला चौगड़ के निलंबन की कार्रवाई भेदभाव के आरोपों में घिर गई है। इससे नाराज छात्राओं ने बुधवार को भूख हड़ताल कर दी। उनका कहना है कि हमें वार्डन से कोई शिकायत नहीं है, फिर क्यों कार्रवाई की गई।
18 जनवरी को एकीकृत परियोजना प्रशासक कुक्षी व बीईओ मनावर ने यहां निरीक्षण किया था। इसका प्रतिवेदन उपायुक्त को भेजा गया। उसके आधार पर चौगड को निलंबित कर दिया गया। इससे छात्राएं दंग रह गई और बुधवार को खाना नहीं खाया। प्राचार्य कैलाश पाटीदार व बीईओ अशोक शुक्ला ने समझाया लेकिन वे नहीं मानी। छात्राओं ने बताया हमें कोई समस्या नहीं थी, न हमने प्राचार्य व बीईओ को शिकायत की। जब निरीक्षण करने वाले आए तब अधीक्षिक हासे स्कूल में पढ़ाई गई हुई थी। वे प्रतिदिन 11 से 1.30 बजे तक पीरियड लेती हैं। साथ ही निरीक्षणकर्ता इसी परिसर में संचालित एक और प्री-मीट्रिक कन्या छात्रावास में नहीं गए। ऐसे में अव्यवस्था का हवाला देकर सिर्फ उत्कृष्ट केंद्र अधीक्षिका को निलंबित करना भेदभाव है।
होस्टल वार्डन के निलंबन से नाराज छात्राएं भूख हड़ताल पर