- Hindi News
- नेपा लिमिटेड बीमार उद्योग श्रेणी से बाहर
नेपा लिमिटेड बीमार उद्योग श्रेणी से बाहर
भास्कर संवाददाता - नेपानगर
नेपा लिमिटेड को औद्योगिक एवं वित्तीय पुर्ननिर्माण बोर्ड ((बीआईएफआर)) से बाहर कर दिया गया है। इससे नेपा लिमिटेड पर लगा बीमार इकाई ((सिक यूनिट)) का तमगा हट गया है अब नेपा मिल के रिवाईवल पैकेज में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो गई है। इसके साथ ही 6 सितंबर 2012 को दिल्ली में हुई कैबिनेट की बैठक में नेपा मिल को 1025.96 करोड़ के आर्थिक पैकेज की स्वीकृति प्रदान की थी, बीआईएफआर द्वारा मंजूरी मिलना बाकी थी जो आज पूरी हो गई है। इससे कर्मचारियों मे हर्ष है। कर्मचारी नेता राजाराम पटेल ने बताया सांसद अरुण यादव, पूर्व विधायक रघुनाथ चौधरी, नेपा लिमिटेड के सीएमडी ब्रिगेडियर ((सेनि)) एसके मुटरेजा के साथ श्रमिक साथियों के अथक प्रयासों से यह संभव हो पाया है। इससे नेपा लिमिटेड के नवीनीकरण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस अवसर पर श्रमिक नेता लालचंद पटेल, सौजन्य तिवारी, अनिल अहिरे, महेंद्र गुजराती, दिलीप जैसवाल, मिलिंद किरंगे, प्रदीप ने आभार माना।
इन कामों को मिलेगी गति
रिवाइवल के लिए टाटा कंसलटेंसी इंजीनियर्स को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। नवीनीकरण के पश्चात 46800 मैट्रिक टन रायटिंग पेपर का उत्पादन किया जाएगा। 36200 मैट्रिक टन अखबारी कागज का उत्पादन किया जाएगा। कागज की गुणवत्ता के लिए डीइंकिंग प्लांट की स्थापना। इससे पेपर की ब्राइटनेस में बेहतर सुधार होगा। मिल के पावर हाउस में मशीनों का नवीनीकरण से बिजली की उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी।
बंद होगा सेलरी सपोर्ट
नेपा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर एसके मुटरेजा ने बताया केंद्र सरकार की रिवाईवल योजना को बीआईएफआर द्वारा स्वीकृति मिल गई है, लेकिन कंपनी की त्रैमासिक रिपोर्ट बीआईएफआर को प्रस्तुत करना होगी। इसी के साथ कंपनी को सेलरी सपोर्ट भी बंद हो जाएगा। कर्मचारियों, अधिकारियों की सेलरी संस्थान से ही जनरेट करनी होगी। जिससे सभी की जिम्मेदारियां और बढ़ गई है।
बीआईएफआर बोर्ड ने दी स्वीकृति