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आसमान से आफत किसानों की आंखों से निकले आंसू

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - बिस्टान
गांव सहित भगवानपुरा विकासखंड के अनेक गांवों में गुरुवार की रात से चली तेज हवा एवं चने के आकार के ओले व तेज बारिश ने पांच सौ हेक्टेयर रकबे की गेहंू, चना व मक्का फसलें जमीन पर बिछ गई। किसानों ने पचास फीसदी उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई है। प्रशासनिक अफसर अभी भी प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण करने की बात ही कह रहे हैं।
बिस्टान, पेनपुर, घट्टी, भगवानपुरा क्षेत्र के अनकवाड़ी, बाड़ी खुर्द, बन्हेर, भातुड़, दाउदखेड़ी, लालपुरा, देवला, मांडवखेड़ा, मोगरगांव क्षेत्र के पच्चीस से अधिक गांव के दो सौ से अधिक किसानों की पांच सौ एकड़ कृषि भूमि में लगी गेहूं फसल जमीन पर बिछ गई है। कृषक विद्याधर महाजन, विकास त्रिवेदी, ओमप्रकाश कुमावत, सुनील जायसवाल बन्हेर, जगदीश पाटील, राजू कानूनगो, अरविंद गुप्ता, संजय मराठे, सीताराम पंडित ने बताया बाली लगने पर आई गेहूूं फसलों का सर्वाधिक नुकसान हुआ है।
रात में बरसी आसमानी आफत ((मावठा)) से अक्टूबर एवं नवंबर माह के पहले पखवाड़े में बोई गई गेहूं की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। वहीं चना फसल लेने वाले किसानों की फसलें भी बदतर स्थिति में है।
बाड़ी खुर्द के किसान मनीष जागड़े ने बताया प्रति एकड़ दस हजार का खर्च आया है। प्राकृतिक परिस्थिति प्रतिकूल होने से अब गेहूं बारीक हो जाएंगे। एक अन्य किसान रमेश नागर ने कहा कि गेहूं दाना बारीक पडऩे से अत्यधिक कम भाव में बिकता है। उत्पादन नहीं के बराबर रहता है। थ्रेशर मशीन में गेहूं बारीक होने से उड़कर सुकला ((गेहूं का सूखा चारा)) में चला जाता है।




बारिश व तेज हवा से आड़ी पड़ी गेहूं फसल।

गेहूं फसल को अधिक नुकसान, सर्वे की मांग

नागझिरी - क्षेत्र के बडग़ांव, मगरिया, राजपुरा, बागदरा सहित कई गांवों में गुरुवार की रात हुई तेज बारिश ने गेहूं फसलों को नुकसान पहुंचाया है। किसानों ने बताया ओले व तेज हवा के साथ हुई बारिश ने फसलों को आड़ी कर दी। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। किसान सीताराम चौधरी, रामचंद्र, मोतीराम, मांगीलाल पटेल, महेंद्र कुशवा व बागदरा सरपंच रतनसिंह ने तहसीलदार से फसल नुकसानी का सर्वे कराने की मांग की है।

मावठे की बारिश से गेहूं फसल को नुकसान

गोगांवा/घुघरियाखेड़ी - दो दिन से हो रही तेज बारिश व हवा के कारण किसानों की गेहूं फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान बलीराम चौहान, दीपक रतनसिंह चौहान ने बताया 5 से 6 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल बारिश से आड़ी पड़ गई। वहीं आसपास के गांव दयालपुरा, मोहम्मदपुर, बैजापुर, सुरपाला, मछलगांव व बिटनेरा में भी फसलें मावठे की बारिश से प्रभावित हुई हैं। बिटनेरा के किसान संजय माली ने बताया उनकी एक एकड़ क्षेत्र में बोई गेहूं फसल पूरी तरह जमीन पर आड़ी पड़ गई। किसानों ने नुकसानी का सर्वे कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

बारिश से फसल खराब, किसान परेशान

घुघरियाखेड़ी - गांव सहित क्षेत्र के देवलगांव, सोलना में शुक्रवार सुबह 8 बजे से हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरने से गेहूं, चना व मिर्च फसलों को नुकसान हुआ है। गुरुवार की रात 10 बजे तेज हवा एवं बारिश के साथ चने के बराबर ओले भी गिरे। खलिहानों में सूखने के लिए रखी मिर्च फसलें भी भीगकर खराब हो गई। गांव के किसान बिजेसिंह राजपूत, शिवराम चौहान, लतीफ खान, कंवरसिंह बारेला ने बताया बारिश व हवा से खेतों की खड़ी फसलें आड़ी पड़ गई। इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। किसानों ने राजस्व अफसरों से सर्वे करने की मांग की है।

तेज हवा के साथ ओले गिरे, फसलों को नुकसान

भग्यापुर - गुरुवार की रात दस बजे मावठे की तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। करीब एक बजे तक चली तेज हवा ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। किसानों की रबी फसल गेहूं, चना व मिर्च की फसलें आड़ी पड़ गई। किसान राकेश कुमावत, सदाशिव, कैलाश चौहान, सीताराम बालके ने बताया दो दिनों से हो रही तेज बारिश व हवा से फसलों को नुकसान हुआ है। पिछले वर्ष भी मौसम की मार से किसानों को काफी नुकसान हुआ था जिसका कोई क्षतिपूर्ति नहीं की गई। इस साल भी फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने नुकसानी का सर्वे कर आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।



ञ्चराजस्व विभाग ने ली बैठक रिपोर्ट पेश करने को कहा

भास्कर संवाददाता - कसरावद

तीन दिन से जारी मावठे की बारिश का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। बारिश के साथ आई हवा-आंधी से गेहूं फसल की नुकसानी के लिए राजस्व अफसरों ने बैठक लेकर सर्वे के आदेश दिए हैं। बैठक लेकर पटवारियों को प्रभावित फसलों का सर्वे कर शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार की रात करीब 11 बजे से शुरू हुई बारिश का क्रम रुक-रुक कर चलता रहा। सर्द हवाओं ने जहां लोगों की परेशानी बढ़ाई वहीं खेतों में बालियां आ चुकी गेहूं फसल को भी काफी प्रभावित किया है। शुक्रवार को राजस्व विभाग ने भास्कर में प्रकाशित समाचार के बाद लोहारी, सेनानी, अघावन, चंदनपुरी, बरसलाय, ओझरा गांव के प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। इसके बाद तहसील कार्यालय में हल्का पटवारियों को सर्वे कार्य कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। ओझरा के किसान दयाराम पिता लच्छीराम यादव, सोमपुरा बोरावां निवासी दुलीचंद दयाराम यादव ने भी क्षतिपूर्ति के लिए लिखित आवेदन दिया। नायब तहसीलदार हुकुमसिंह निगवाल ने बताया प्रभावित छह गांव में जाकर फसलों का निरीक्षण किया।

पटवारियों को फसल नुकसानी का सर्वे करने के दिए आदेश



आड़ी पड़ी गेहूं की फसल।

आड़ी पड़ी गेहूं की फसल।

सर्वे कर उचित सहायता देने की मांग

बमनाला - शुक्रवार की दोपहर तथा गुरुवार-शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश के कारण किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं एवं चना फसल प्रभावित हुई है। तेज बारिश व हवा ने गेहूं फसल को पूरी तरह जमीन पर बिछा दिया। इससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। क्षेत्र के सेल्दा, सतवाड़ा, सूर्वा, बेहरामपुर टेमा, भोपाड़ा, टेमरनी, शकरखेड़ी गांव में तेज बारिश से पानी खेतों में बह निकला। तेज बारिश व हवा ने गेहूं उत्पादन को प्रभावित किया है। शुक्रवार की सुबह 6.30 बजे गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में ओले भी गिरे। किसान पंढरी पटेल, जगदीश मंडलोई, संजय सेन, हीरालाल प्रजापत ने बताया खेतों में बोई रबी फसल गेहूं, चना व तुअर की फसलें जमीन पर बिछ गई। प्रभावित किसानों ने तहसीलदार भीकनगांव से खराब हुई फसलों का जायजा लेकर मुआवजे की मांग की है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तोताराम महाजन ने शासन एवं जिला प्रशासन से बारिश एवं ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है। गुरुवार की रात दस बजे के करीब हुई तेज बारिश से सड़क पर पानी भर गया। विभिन्न वार्डों में पानी निकासी नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह निकला। इससे सड़क पर कीचड़ पसर गया।

मावठे ने किया लाखों का नुकसान

ऊन/टांडाबरुड़ - दो-तीन दिन के दौरान हुई तेज बारिश एवं हवाओं से गेहूं तथा चना फसलों को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के किसानों की फसल खराब होकर पूरी तरह बिछ गई है। किसान दिलीप गुप्ता एवं मुकेश परसाई ने बताया गांव सहित कमोदवाड़ा, घोट्या, रायबिड़पुरा, तलकपुरा, गंधावड़, चंदावड़, छोटी ऊन व भमोरी गांव की करीब 500 हेक्टेयर की फसलें तबाह हुई है। इसी तरह टांडाबरुड़ के कोठाखुर्द, देवली, कोठा बुजुर्ग, सिनखेड़ा क्षेत्र के किसानों की फसलें भी तेज बारिश व ओले गिरने से खराब हुई है। किसान ज्ञानेंद्रसिंह मंडलोई, संजय मंडलोई, रामचंद्र कुमरावत ने राजस्व विभाग से फसलों का सर्वे कर मुआवजे की मांग की है। वहीं देर रात हुई तेज बारिश से ईंट-भट्टा व्यवसायियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कच्ची बनाई ईंटें पानी में पूरी तरह से गलकर बह गई। इससे उन्हें भी लाखों का नुकसान हुआ है।



॥प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर नुकसान प्रतिशत की आंकलन रिपोर्ट एक सप्ताह में देने को कहा है। करीब दो सौ हेक्टेयर रकबा प्रभावित हो सकता है। 25 फीसदी से अधिक प्रभावित होने पर नुकसान माना जाता है।ø- बसंती ठाकुर, तहसीलदार भगवानपुरा

राजस्व अमले की कमी बनी परेशानी, सर्वे किया जाएगा

राजस्व निरीक्षक मनोहर अत्रे ने किसानों को प्रतिकूल स्थिति में भी अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा 56 पटवारी हलकों में 97 गांव है। एक-एक पटवारी के पास आठ-आठ गांव हैं। इसके बावजूद अन्य रुटीन काम भी करना पड़ते हैं। हालांकि यथासंभव सर्वे किया जाएगा।

मांडवखेड़ा में तेज बारिश से मकान गिरे, सर्वे के निर्देश

मांडवखेड़ा के सरपंच कृपालसिंह अवासे ने बताया ठक्करसिंह पिता गुमसिंह एवं भुरू पिता रुमाल के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तहसील कार्यालय द्वारा कृषि विस्तार अधिकारियों एवं पटवारियों को निरीक्षण कर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।

तहसीलदार ने कुछ किसानों के साथ खेतों का निरीक्षण किया।

तेज हवा एवं चने के आकार के ओले व तेज बारिश से फसलें जमीन पर बिछी, किसानों सर्वे की मांग की