बाजार से दवाइयां लाकर करते हैं इलाज
ग्रामीणों ने रुपए मांगने के लगाए आरोप, पशु औषधालय में लापरवाह बने हैं प्रभारी व कर्मचारी
भास्कर संवाददाता - बमनाला
यहां के पशु औषधालय पर 18 गांवों के पशुओं की चिकित्सा का जिम्मा है। यहां इलाज में लगने वाला बैंडेज, इंजेक्शन एवं मलहम आदि सामग्री के लिए रुपए की मांग की जाती है। नहीं देने पर बाजार से सामग्री लाने को कहा जाता है। पशुपालकों ने कर्मचारियों द्वारा दुव्र्यवहार के आरोप लगाए हैं।
गांव के किसान बहादरसिंह मंडलोई ने बताया बीमार गाय के पैरों के इलाज के लिए औषधालय गए थे। कर्मचारियों द्वारा उन्हें बाजार से रुई, बैंडेज व मलहम लाने को कहा तथा इंजेक्शन लगाने के 30 रुपए भी लिए। किसान भगवानसिंह मंडलोई ने बताया 100 रुपए की मांग की गई थी। ग्रामीण दौलतसिंह ने बताया गांव सहित क्षेत्र में कई पशुओं की बीमारी बाद मौत हो चुकी है। इसमें उम्मेदसिंह राजपूत की दो भैंस, एक केड़ा, भगवानसिंह जागीरदार की गाय मर गई। पशु औषधालय के प्रभारी एवं कर्मचारियों की उदासीनता एवं लापरवाही व टीकाकरण न होने से पशु मर रहे हैं। पशु औषधालय अंतर्गत गांव सहित दोंदवाड़ा, ललनी, सुर्वा, पोखराबाद, सिंगारचोरी, सेल्दा, शकरखेड़ी, दगडख़ेड़ी, गंगातखेड़ी, मोहनदड़, सुर्वा कोयड़ा, सतवाड़ा, रायदड़, नीमखेड़ी, भोपाड़ा आते हैं। किसानों ने बताया सुबह 8 से 12 तथा शाम 4 से 5 बजे के बीच औषधालय पर निर्धारित समय पर प्रभारी व अन्य कर्मचारी नहीं मिलते हैं। पशुपालक राह देखते रहते हैं। किसानों ने कार्यालय समय में प्राइवेट प्रेक्टिस करने के आरोप लगाए हैं।
पर्याप्त दवाइयां नहीं पर बाजार से नहीं बुलवाते- पशु औषधालय प्रभारी सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी केसी कुमरावत ने बताया स्टाफ में एक भृत्य एवं नंदीरक्षक है। पशु औषधालय को पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध नहीं करवाई जाती है। वर्षभर में दो से तीन बार ही दवाइयां आती हैं। अस्पताल में बीमार पशुओं को इंजेक्शन, टीके लगाए जाते हैं बाजार से नहीं बुलवाए जाते।