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वनाधिकार अधिनियम- जिले के २६ वनग्राम बनेंगे राजस्व गांव

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - नेपानगर
२००६ में बने वनाधिकार अधिनियम के तहत नेपानगर और खकनार तहसील के २६ वनग्रामों को राजस्व गांव बनाया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जानकारी के अनुसार नेपानगर तहसील के १५ और खकनार तहसील के ११ वनग्रामों को राजस्व गांव में परिवर्तित किया जाएगा। इसको लेकर कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने वन मंडलाधिकारी, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, जनपद पंचायत बुरहानपुर सीईओ, उप खंड वनाधिकार समिति नेपानगर, बुरहानपुर अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं। वनग्राम होने के कारण यहां के लोगों को पट्टा वितरण योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। इस पर शासन ने वनग्रामों को राजस्व गांव घोषित करने के निर्देश दिए थे।




वनग्रामों को राजस्व गांव बनाने के कोई पक्ष में है तो कोई विरोध में। वन सुरक्षा समिति जिलाध्यक्ष रोहिताश्व चौधरी कहते हैं वनग्राम को राजस्व गांव घोषित करने की मांग वे उठा रहे हैं जो यहां अवैध रूप से रह रहे हैं। इसके बाद नवाड़ माफियाओं द्वारा पट्टा वितरण योजना का लाभ लेते हुए जंगलों का विनाश किया जाएगा। पट्टा वितरण पर रोक लगाने के लिए बुधवार को बुरहानपुर आ रहे मुख्यमंत्री चौहान को ज्ञापन सौंपेंगे। वहीं वनग्राम बाकड़ी के सरपंच रोमसिंह चौहान ने कहा वन विभाग के कारण कई तरह के निर्माण पर रोक लगी थी। राजस्व गांव होने से किसानों को फायदा होगा।

कोई पक्ष में , कोई विरोध में

वन विभाग - परिवर्तन को लेकर राजस्व और वन विभाग की जिम्मेदारी तय की गई है। वन मंडलाधिकारी द्वारा वन अधिकार समितियों के दावे-प्रस्ताव के लिए बैठक ली जाएगी। इसके बाद कार्य का अवलोकन कर आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को रिकार्ड बनाने के लिए नियुक्त किया जाएगा। अंतिम कार्य में ग्राम सभा और उप खंड समिति को वनग्राम से राजस्व ग्राम बनाने संबंधी आवश्यक वन अभिलेख और मैदानी अमला उपलब्ध कराया जाएगा।

राजस्व विभाग - वनाधिकार समितियों से निर्धारित समय में दावा-प्रस्ताव तैयार करवाकर ग्राम सभा में अनुमोदन कराया जाएगा। इसके बाद उप खंड स्तर पर दावा-प्रस्ताव का समेकन कर निश्चित समय में अनुमोदन पूरा करना होगा। वनाधिकार समिति, ग्राम सभा और उप खंड समिति की बैठक कर अनुमोदन करवाया जाएगा। तहसीलदार ऑफिस नेपानगर, बुरहानपुर, खकनार द्वारा ग्राम अभिलेख तैयार करने के लिए मैदानी अमला उपलब्ध कराया जाएगा। आंकलन कर आवश्यकतानुसार कर्मचारियों को रिकार्ड बनाने के लिए नियुक्त किया जाएगा।

वनग्रामों को राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया दो चरण में चलेगी। पहले चरण में वनग्रामों को राजस्व गांव घोषित करने का दावा-प्रस्ताव पारित कर उच्च कार्यालय में सौंपा जाएगा। दूसरे चरण में चयनित गांव का अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा। इसके तहत ग्राम स्तरीय समिति से प्राप्त दावे मान्य होने के बाद वन-राजस्व कर्मचारियों द्वारा उस क्षेत्र का नक्शा, खसरा, बी-१ किश्त बंदी आसामीवार, अधिकार अभिलेख, निस्तार पत्रक और रुढ़ी पत्रक तैयार किया जाएगा।

नेपानगर तहसील- वनग्राम सोनुद, नावथा, उतांबी, पुरा, नसीमपुरा, डिमानिया, बाकड़ी, गंभीरपुरा, चांदनी, सागफाटा, दहीनाला, बदनापुर, हसनपुरा, मांडवा, अंबा।

खकनार तहसील- वनग्राम आमगांव, उसारनी, कालापाठ, झोलपुरा, आमुल्ला, डांगुर्ला, भैराघाट, पाचोरा, नाना नगरी, दातपहाड़ी, सामरिया।



ऐसे चलेगी प्रक्रिया



इन विभागों की है जिम्मेदारी



ये वनग्राम बनेंगे राजस्व गांव



कलेक्टर ने दिए अफसरों को निर्देश, नेपानगर तहसील के १५, खकनार के ११ गांव होंगे शामिल