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४ दिन बाद खुली अनाज मंडी किसानों के चेहरे खिल उठे

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - खरगोन
चार दिन से बंद कृषि उपज मंडी मंगलवार को खुली। फूड सिक्योरिटी एक्ट के कुछ प्रावधानों के विरोध में व्यापारियों ने हड़ताल किया था। हड़ताल वापस लेने के बाद मंगलवार को मंडी की रौनक गेहूं, ज्वार व मक्के की आमद के साथ लौट आई। दूसरी ओर कपास के भाव भी सीजन के शुरुआती दिनों के मुकाबले अब बेहतर नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से बारिश, ओलावृष्टि, व्यापारियों की हड़ताल, खेत में खड़ी फसल खराब होने की स्थिति झेल रहे किसानों ने मंगलवार से काफी हद तक राहत की सांस ली। कृषि उपज मंडी में किसान उत्पाद लेकर पहुंचे। ज्वार की आवक कम रही, लेकिन गेहूं का आना शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में आवक और बढऩे के आसार हैं।
गेहूं स्थिर, मक्का में गिरावट
१८ जनवरी को गेहूं १७५०-१९०० रुपए प्रति क्विंटल बिका था। मंगलवार को १७५१-१९१६ रुपए प्रति क्विंटल बिका। आवक १२१ बोरी रही। आने वाले दिनों में आवक बढऩे के साथ भाव में और कमी के आसार हैं। हालांकि गेहूं के भाव करीब सप्ताह भर से स्थिर हैं। वहीं मक्के में भी गिरावट नजर आ रही है। १८ जनवरी को १०९१-१५१५ रुपए प्रति क्विंटल में मक्का बिका। मंगलवार को १०७१-१४०० रुपए प्रति क्विंटल भाव रहे। आवक ४६० बोरी रही। मक्के के भाव में सप्ताह में गिरावट नजर आ रही है।




किसानों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर आर्थिक सहायता मांगी।

चार दिन बाद कृषि उपज मंडी खुलने से लौटी रौनक।

कपास ५ हजार के पार

कपास के भाव सीजन की शुरुआत में ४५०० रुपए प्रति क्विंटल के आसपास स्थिर थे। मंगलवार को कपास ४३००-५२९५ रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। करीब सात दिन से कपास के भाव बेहतर हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की आवक में कमी और बढ़ते मांग के चलते भाव में सुधार बताया जा रहा है। हालांकि यह भाव किसानों की अपेक्षा से कम ही है।

मौसम ने भी दिया साथ

बारिश और नमी से परेशान किसानों को मंगलवार को मौसम से भी साथ मिला। दिन के शुरुआती घंटे बीतने के बाद हवा से नमी कम हो गई। खिली धूप से किसानों को मंडी तक फसल लेकर पहुंचने में कोई परेशानी नहीं आई। मौसम के जानकारों की मानें तो आने वाले दो-तीन दिन भी क्षेत्र में मौसम साफ रहने के आसार हैं।

व्यापार व्यवसाय - गेहूं, ज्वार व मक्का की आवक से रही रौनक, कपास के भाव भी बेहतर