पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

ट्विटर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुखर विरोधी नरेंद्र मोदी नहीं, बल्कि खुद उनकी पार्टी के ही लोग हैं। आप देख सकते हैं, अपनी पार्टी के नेताओं का पक्ष रखते समय वे कितने असहज होते हैं।
शेखर कपूर, अभिनेता
दिल्ली में द बीटिंग रिट्रीट के दौरान काफी उमस थी, तब भी केजरीवाल मफलर में लिपटे हुए थे। यही
हाल रहा तो गर्मी के मौसम में वे क्या करेंगे?
सारा जेकब, दिल्ली
मेरे नए दोस्त मुझसे कहते हैं कि गुजरात विकसित प्रदेश है। अगर ऐसा ही है तो गुजरात पर १.४५ लाख करोड़ का कर्ज क्यों है?
विशाल ददलानी , संगीतकार
सभी सिनेमाघरों में संकेतक लग जाएं रात 11 बजे बाद महिलाओं के साथ कुछ होता है, तो प्रबंधन उसके लिए जिमेदार नहीं है।
मार्गरेट, गोवा
((महाराष्ट्र महिला आयोग की सदस्य आशा
मिर्जे के विवादित बयान पर))
ब्रिटिश हमेशा ईश्वर से महारानी को बचाने की प्रार्थना करते हैं((गॉड सेव द क्वीन))। अब लग रहा है, वाकई में वे अच्छी तैराक नहीं हैं।
रॉन व्हाइट, लंदन
रेपो रेट बढऩे से लोन की ईएमआई बढ़ेगी, यह रियलिटी है। इससे रियल्टी ((अचल संपिा)) उद्योग नीचे चला जाएगा, यह भी रियलिटी है।
कमलेश सिंह, नोएडा



स्मार्ट थीफ

हेयरलेस हीरो

लिखा है, तो स्टारबक्स की स्पेलिंग में मामूली सा बदलाव कर दिया। हालांकि यहां असल में दुकानें नहीं हैं, यह जगह खाली पड़ी है। यहां सिर्फ साइन बोर्ड और मोनो लगाए गए हैं जो दूर से दुकानों का भ्रम पैदा करते हैं। ये इतने असल लगते हैं कि कोई भी आसानी से धोखा खा सकता है। यह किसी फिल्म के सेट की तरह है। लोग इस जगह को अब ‘स्ट्रीट ऑफ फेक्स’ के नाम से जानने लगे हैं। - द्मशह्लड्डद्मह्व.ष्शद्व

चीजों की नकल करने में चीन को महारत हासिल है। अब इसका इस्तेमाल प्रॉपर्टी बेचने के लिए भी होने लगा है। जिआंगसू प्रांत के वुक्सी शहर में डेवलपर्स ने एक इमारत में मशहूर ब्रांड्स की नकली दुकानें तैयार करवाई हैं, ताकि शॉपिंग का वातावरण देखकर लोग यहां प्रॉपर्टी खरीदें। शिमाओ स्काइस्क्रेप कॉप्लेक्स नामक इस इमारत के डेवलपर्स ने बिल्डिंग के ग्राउंड लोर पर लाइन से स्टोर्स बनाए हैं इनमें फेमस ब्रांड्स के मोनो और नाम का भी इस्तेमाल किया गया है। एपल की जगह एपला ने ले ली तो जारा को जेयर बना दिया गया है। एच एंड एम को एच एंड एन

चीन में प्रॉपर्टी बेचने के लिए इमारत में बना दी नकली शॉपिंग स्ट्रीट

चीन के शांक्सी प्रांत में रहने वाले एक व्यक्ति ने फ्लाइट की एक टिकट खरीदकर पूरे साल तक एयरलाइन्स से फ्री खाना खाया है। उसने चाइना इस्टर्न एयरलाइन्स से फस्र्ट क्लास में टिकट ली। फ्लाइट की तारीख पर वह एयरपोर्ट गया, एयरलाइन्स के वीआईपी लाउंज में कॉप्लीमेंट्री मील और ड्रिंक का लुत्फ लेने के बाद उस टिकट को बदलकर दूसरे दिन की टिकट ले ली। ऐसा उसने करीब 300 बार किया। जब टिकट एक्स्पायर होने वाली थी, उसने टिकट कैंसिल कर पूरा पैसा भी रिफंड करवा लिया। एयरलाइन्स के प्रवक्ता का कहना है, इसे रोकने का कोई तरीका नहीं था। कुछ लोग नेट पर इसे स्मार्ट बता रहे हैं तो कुछ आलोचना कर रहे हैं। हो सकता है चाइना की इस्टर्न एयरलाइंस इस मामले के बाद अब फ्री मील और टिकट रिफंड की पॉलिसी बदलने पर विचार करे। - ह्म्द्गस्रस्रद्बह्ल.ष्शद्व

एयरलाइन्स से मुत खाया एक साल खाना

पेशे से शिक्षक अली मोहमदियन ईरान में ही नहीं दुनिया में हीरो बन गए हैं। अली की कक्षा में पढऩे वाले महान रहीमी नाम के बच्चे के सारे बाल किसी रहस्यमयी बीमारी की वजह से गिर गए थे। इसके बाद से क्लास के बाकी बच्चे उसका मजाक बनाने लगे थे। बच्चों को अच्छा संदेश देने के लिए अली ने भी अपने सिर के सारे बाल कटवा लिए। इसके बाद न सिर्फ बाकी बच्चों ने उस बच्चे को तंग करना बंद कर दिया बल्कि अपने शिक्षक से प्रेरित होकर क्लास के सभी 23 बच्चों ने भी सिर के सारे बाल कटवा लिए हैं।

पश्चिमी ईरान के कुर्दिश के शेख शलटूट एलीमेंट्री स्कूल में पढ़ाने वाले अली बताते हैं, बीमारी के बाद रहीमी अकेला रहने लगा था। वह खुश नहीं था। उसके क्लास परफॉर्मेंस की चिंता करते हुए मैंने अपना सिर शेव करवाने का निर्णय लिया, जो शिक्षक के तौर पर मेरा फर्ज था। यह मामला सोशल मीडिया से लोगों की नजर में आया। इस महीने की शुरुआत में अली ने आठ साल के रहीमी के साथ एक फोटो फेसबुक पर अपलोड की थी। फोटो के साथ लिखा था ‘अवर हेड्स आर सेंसेटिव टू हेयर’। उस फोटो को दूसरे दिन तक ईरान के हजारों यूजर्स ने लाइक और शेयर कर लिया था। मीडिया और टीवी में आने के बाद यहां के शिक्षा मंत्री ने भी रहीमी और अली से मुलाकात की थी। गवर्नर ने राष्ट्रपति का संदेश भी उन तक पहुंचाया। ईरान सरकार ने अली का सम्मान करते हुए रहीमी के इलाज का पूरा खर्च उठाने का भी वादा किया है। - द्दह्वड्डह्म्स्रद्बड्डठ्ठ.ष्शद्व

बीमार छात्र की तरह बाल कटवाने वाला शिक्षक बना हीरो

आर्कटिक व्हेल की तरह दिखने वाला विशाल बेलूगा एयरक्राट

अगर कभी आप फ्रेंच सिटी टूलूस जाएं तो आप वहां दुनिया का सबसे अजीब दिखने वाला एयरक्राट देख सकते हैं। आर्कटिक व्हेल की तरह दिखने वाले इस एयरक्राट को बेलूगा कहा जाने लगा है।

द एयरबस ए 300600 ((एसटी))सुपर ट्रांसपोर्टर बेलूगा एक विशाल कार्गो एयरक्राट है। यह सिर्फ अपने यूनिक डिजाइन से चर्चा में नहीं है बल्कि यूरोपियन एविएशन में भी इसकी बड़ी भूमिका है। इसे एयरक्राट पाट्र्स और ओवरसाइज कार्गो के ट्रांसपोर्टेशन के लिए कुछ ऐसा बनाया गया है। हल्के लेकिन ओवरसाइज कार्गो के लिए डिजाइन यह विमान 47 टन तक वजन उठा सकता है। एयरक्राट का टॉप सेक्शन कट कर इसमें आगे की ओर बबल के आकार का एक नया सेक्शन जोड़ा गया है। जो इसे हंप शेप देता है। इसका कॉकपिट काफी नीचे रखा गया है, ताकि कार्गो को विमान के फ्रंट से ही लोड और अनलोड किया जा सके। इससे तैयार होता है एक बड़ा और काफी जगह वाला यूनिक कार्गो क्राट। इस बेलूगा विमान में एक ए340 एयरलाइनर के विंग्स आसानी से रखे जा सकते हैं।

एयरबस का प्रोडक्शन पूरे महाद्वीप पर कई जगह होता है। इसकी कई फैक्ट्रियां हैं। हर फैक्ट्री में प्लेन का कोई एक विशेष हिस्सा तैयार किया जाता है।

१९९० तक एयरबस ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक और फनी से दिखने वाले एयरक्राट ‘द सुपर गप्पी’ का उपयोग करती थी। यह 1940 के बोइंग 377 स्ट्राटोक्रूजर का मिलिट्री कार्गो वर्जन था। सबसे बुरी बात थी कि एयरबस अपने प्रतिद्वंद्वी बोइंग के पुराने एयरक्राट्स पर निर्भर थी। अब बेलूगा ऑपरेशन्स में इस्तेमाल किए जाने वाले पांच क्राट्स एयरबस ए 300600 के जेट्स हैं। जिन्हें बड़े कार्गो सामान रखने के लिए मॉडिफाई किया गया है। यह विमान 1994 से लगातार अपनी सेवाएं दे

रहा है। - ष्ठ्ठठ्ठ.ष्शद्व



नेट की दुनिया पर उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ कंटेंट एक जगह वेब भास्कर में...