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पेज १ सेकंड लीड - सरकार की बेटी पायल की पढ़ाई छूटी, मौलिक अधिकार का हनन

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - खंडवा
चार महीने पहले पायल उर्फ भूमिका की मां टे्रजा पारे ((स्टॉफ नर्स)) की हत्या हुई। इसके बाद पायल अनाथ हो गई। कानूनन रूप से अनाथ बच्ची के अभिभावक शासन-प्रशासन होते हैं। सरकार की यह बेटी अब स्कूल नहीं जाती। उसकी पढ़ाई छूट गई है। अफसरों और समाजसेवियों ने उसे स्कूल भेजने तक की कोशिश नहीं की। जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम ((आरटीई)) के तहत स्कूल जाना पायल का मौलिक अधिकार है लेकिन यह अधिकार खुद स्थानीय प्रशासन की बेटी को नहीं मिल रहा है। पायल मां की हत्या की चश्मदीद गवाह है। यहीं वजह है कि उसे पुलिस सुरक्षा में रखा जा रहा है। कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद पायल को हिंदू बाल सेवा सदन भेज दिया। यहां भी उसकी सुरक्षा में पुलिस तैनात है। मां के हत्यारों के गिरफ्तार नहीं होने की बात कहकर पुलिस ने पहले पायल को स्कूल नहीं जाने दिया। कुछ महीने बाद हत्यारे गिरफ्तार हो गए। इसके बाद पायल को उम्मीद थी कि अब वह स्कूल जा सकेगी लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देकर स्कूल नहीं जाने दिया। अब चार महीने बीत गए। हिंदू बाल सेवा सदन के एक छोटे से कमरे में पायल दिन काट रही है। यहां तक कि सदन में भी उसकी पढ़ाई का कोई इंतजाम नहीं किया। गुरुवार को हिंदू बाल सेवा सदन से पायल को जिला अस्पताल लाया गया। यहां उसके सिर पर हुए घावों का इलाज किया।




पायल को लेकर जिम्मेदारों के गोलमोल जवाब



बाल कल्याण समिति ने कहा किसी से मिलने नहीं देना

॥आश्रम में पायल को सुरक्षा के लिहाज से रखा है। उसके रहने व खानपान पर ध्यान दे रहे हैं। हमें नहीं पता कि पायल कौन-सी कक्षा में पढ़ती है। बाल कल्याण समिति ने लिखकर दिया है कि पायल को किसी से मिलने नहीं देना है। अब ऐसी स्थिति में हम क्या कर सकते हैं। यदि किसी ने उसका अपहरण कर लिया तो जवाबदार कौन होगा?ø

रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष, हिंदू बाल सेवा सदन

सुरक्षा के मामले में हम रिस्क नहीं ले सकते

॥पायल की मां ट्रेजा पारे की हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पायल को सुरक्षा के लिए बाल गृह भेजा है। वहां घर जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। बाल गृह के पदाधिकारियों को चाहिए कि वह उसकी पढ़ाई कराएं। सुरक्षा के मामले में हम किसी तरह की रिस्क नहीं ले सकते।ø - राजेश शुक्ला, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति

पायल की पढ़ाई पूरी करवाएंगे

॥पायल के मामले में एक-दो दिन में निर्णय लेंगे। उसे पढ़ाई के लिए किसी होस्टल में रखने का प्रस्ताव बना रहे हैं। कोशिश करेंगे की पायल अपनी पढ़ाई नियमित कर सके।ø - नीरज दुबे, कलेक्टर

पंगु व्यवस्थाएं

ञ्चमां ट्रेजा पारे की हत्या के बाद अनाथ हुई पायल की सुरक्षा, देखभाल और पढ़ाई का जिम्मा स्थानीय प्रशासन का, अफसर नहीं दे रहे ध्यान

ञ्च शिक्षा और बाल अधिकारों का ढोल पीटने वाले वाले अफसर-समाजसेवी एक नन्हीं बच्ची को स्कूल भेजने की जिम्मेदारी उठाने से कतरा रहे

ञ्च चार महीने से स्कूल नहीं गई पायल, अगले महीने वार्षिक परीक्षा नहीं दे सकी तो हो जाएगी फेल

पायल की पढ़ाई छूटी, मौलिक अधिकार का हनन