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धर्मशाला को अतिक्रमणमुक्त कराने पहुंचे पुरातत्व अफसर

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - करही

नगर के प्राचीन मां अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित 70 वर्ष पुरानी धर्मशाला पर एक व्यक्ति द्वारा हठधर्मिता दिखाकर अतिक्रमण कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। शासन-प्रशासन से रहवासियों ने इसकी शिकायत की थी। लेकिन शासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस संबंध में जिला पुरातत्व विभाग की टीम ने गुरुवार को धर्मशाला और मंदिर का निरीक्षण किया।

विभाग का कहना है कि मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में हुआ है। मंदिर स्थित धर्मशाला का निर्माण जन सहयोग से किया गया था। इसका उपयोग साधु संतो के ठहरने के लिए होता है। ग्रामीण विष्णु प्रसाद शर्मा, पप्पू गोस्वामी ने बताया धर्मशाला पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा जमा रखा है। इसकी शिकायत कलेक्टर सहित अधिकारियों को की जा चुकी है।

मौके पर पहुंचकर पुरातत्व विभाग की टीम ने किया धर्मशाला का निरीक्षण।

राज्य संरक्षित स्मारक के 100 फीट के दायरे में नहीं करते निर्माण

वहीं जिला पुरातत्व संग्रहाध्यक्ष कसरावद के सुल्तानसिंह अनंत ने बताया मंदिर को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने के लिए प्रस्ताव संस्कृति विभाग को भेजा जा चुका है। मंदिर क्षेत्र के 100 फीट के दायरे वाली जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। नियमानुसार किसी भी ऐतिहासिक स्मारक के आसपास 100 फीट के दायरे में नया निर्माण या अतिक्रमण नहीं किया जा सकता।

: गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित धर्मशाला में अतिक्रमण, ग्रामीणों ने की थी शिकायत