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चमकविहीन गेहूं की बोरी में ‘जेड’ अक्षर से मार्किंग होगी

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता. खंडवा
जिन किसानों का गेहूं चमक विहीन है उनके लिए एक राहत की बात है। अब सरकार उनका गेहूं भी खरीदेगी। ऐसे गेहूं की पहचान के लिए बारदाना पर अंग्रेजी के अक्षर ‘जेड’ मार्किंग की जाएगी। चमक विहीन गेहूं का वितरण केंद्र सरकार को नहीं होगा। राज्य सरकार इसे राशन दुकानों के माध्यम से वितरित करेगी।
चमक विहीन गेहूं निर्धारित दर एवं राज्य शासन के बोनस सहित 1550 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदा जाएगा। एफएक्यू स्तर के गेहूं के लिए भारत शासन ने निर्धारित नियम यथावत रखे हैं। गेहूं एफएक्यू स्तर का है पर वर्षा से प्रभावित होने के चलते केवल उसकी प्राकृतिक चमक में कमी आई है तो ऐसे चमक विहीन गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। समर्थन मूल्य के तहत खरीदे गए चमक विहीन गेहूं के बोरों पर अंग्रेजी अक्षर में जेड का मार्का लगाया जाएगा ताकि बोरों को देखने से ही यह जानकारी हो सके कि इन बोरों में चमक विहीन गेहूं है। बोरों पर मार्का लगाने का कार्य गेहूं खरीदी करने वाली संस्थाओं द्वारा किया जाएगा।
ऐसा गेहूं नहीं खरीदेंगे
कुछ स्थानों पर पानी से अत्यधिक लंबे समय तक प्रभावित होने के चलते गेहूं चमक विहीन होने के साथ उसमें फंगस लग जाती है। ऐसे गेहूं के जर्मिनेशन पाइंट पर काला या भूरा निशान बन जाता है तथा कभी-कभी दाना आंशिक रूप से अथवा पूरा काला हो जाता है। यह फंगस के प्रकोप के कारण होता है। फंगस लगे हुए गेहूं को एफएक्यू नहीं रहने के कारण समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जाएगा।




गुणवत्ता से समझौता नहीं

॥गेहूं खरीदी के मसले पर एफएक्यू ((फेयर एवरेज क्वालिटी)) यानी गेहूं की क्वालिटी पर समझौता नहीं करेंगे। कंकण, मिट्टी वाला गेहूं नहीं खरीदेंगे। हम सिर्फ चमक विहीन गेहूं ही खरीदेंगे। हालांकि इस तरह के गेहूं को हमने पहले भी खरीदा है, लेकिन अब आदेश जारी हो चुके है।॥

डॉ.पंकज जैन, सहायक कलेक्टर

समर्थन मूल्य

काला पड़ गया गेहूं या फंगस वाला गेहूं नहीं खरीदा जाएगा