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हर मनुष्य की मौत और जन्म का समय अलग होता है : भारती

8 वर्ष पहले
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अमृतसर-!- आज विश्व के सभी विद्वान जीवन की परिभाषा को बयान करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, परंतु वह इसको पूरी तरह से परिभाषित करने में असमर्थ रहते हैं। हर मनुष्य की जिंदगी और मौत का समय अलग रहता है। उक्त विचार दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से दुग्र्याणा तीर्थ स्थित बड़ा श्री हनुमान मंदिर में किए प्रवचन में आशुतोष महाराज की परम शिष्या साध्वी पल्लवी भारती ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बचपन, बुढ़ापा और अंत में मौत को कौन निर्धारित करता है। पल्लवी ने सभी से प्रश्न करते हुए कहा कि क्या बचपन, बुढ़ापा और मौत की क्रिया को पूर्ण करना ही जीवन है? या जीवन किसी और को कहा जाता है। आधुनिक समाज और विज्ञान के पास इसका कोई उत्तर नहीं है, लेकिन हमारे संत-महापुरुषों ने इस जीवन के कर्णधार, आधार ईश्वर को बनाया है। ईश्वर का दर्शन करवाना ही एक पूर्ण गुरु की पहचान करना है।