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भांजे को जिंदगी दिलाने चले सुङ्क्षरदर को राह में मौत ने घेरा
भास्कर न्यूज - अमृतसर
राणा गार्डन निवासी सुरिंदर सिंह अपने भांजे रणजीत सिंह के ब्रेन ट्यूमर का इलाज करवाने के लिए चंडीगढ़ जा रहे थे, मगर उनको यह पता नहीं था कि रास्ते में उनके साथ ही कार में मौत भी सवार होकर जा रही है। मानांवाला के पास कार में आग लग जाने से वैसे तो तीन लोगों की मौत होने की बात बताई जा रही है, मगर सुरिंदर सिंह के परिजन दूसरों को नहीं जानते। उनकी मौत की खबर से पूरा परिवार अस्त-व्यस्त हो गया है। तीन बेटों जिनमें सबसे बड़ा सुखचैन सपरिवार उनके साथ रहता है, जबकि दो अन्य सुखवंत तथा मुख्तियार विदेश में हैं। उनकी पत्नी जसबीर कौर उस घड़ी को कोस रही हैं, जिस घड़ी वह घर से निकले थे। उनकी जिंदगी में अंधेरा तो हुआ ही बल्कि उनको यह बात भी कचोट रही है कि विदेश में रह रहे दोनों बेटों से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। वह बताती हैं कि सरदार जी जब शाम को वर्कशाप से वापस आते थे तो बच्चों से जरूर बात करते थे और उनको हिदायतें भी दिया करते थे।
रणजीत सिंह।
चला गया घर का मुखिया, परिवार पर टूटा कहर
दुखद - राणा गार्डन में सुरिंदर सिंह के घर में बुधवार को मातम छाया हुआ था।
कई बार बेहोश हुई पत्नी
घर में सहानुभूति जताने वालों का तांता लगा हुआ है बारिश होने के बावजूद दोस्त-रिश्तेदार आकर सांत्वना दे रहे हैं। सुबह से ही बिना कुछ खाए पीए रो-रोकर बेहाल हुई जसबीर कौर कई बार बेहोश हो चुकी हैं। सुरिंदर सिंह की दोनों बहनें बलविंदर कौर और हरजिंदर कौर, जो उनसे उम्र में बड़ी हैं का भी बुरा हाल है। इकलौते भाई के खोने के गम में वे भी सुध-बुध खो बैठी हैं।