मधुमेह रोग का आंखों पर विपरीत प्रभाव
अमृतसर। आंखों के माहिर डा. जे.एस गुंबर का कहना है कि मधुमेह एक ऐसा रोग है जो हमारे खून में इंसुलिन हार्मोन की कमी से होता है। शुगर रोग से संबंधित मरीज में शुरू शुरू में ग्लूकोज की मात्रा खून में बढऩे घटने के आंखों का नंबर लगातार बदलता रहता है। जिसके कारण आंखों में तनाव महसूस होता है। धीरे- धीरे ग्लूकोज की मात्रा लगातार बढ़े रहने के कारण सफेद मोतिया , काला मोतिया एवं पर्दे के रोग उत्पन होते है जोकि हमारी आंखों की रोशनी को अचानक खत्म कर देते हैं। मधुमेह रोग के आँखों पर होने वाले प्रभाव को ढूढने एवं उपचार के लिए आज उनके पास आधुनिक टैस्ट एवं उपकरण उपलब्ध है जो शुरू शुरू में ही आखों पर पडऩे वाले विपरीत प्रभाव का पता लगाने में सक्षम है। जैसे कि एफएफए, ओसीटी एवं ग्रीन लेजर।