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लैंड डील में मेयर अरोड़ा ने ली त्र50 लाख रिश्वत, जोशी के कहने पर लौटाई : देसराज
दीपक भंडारी - अमृतसर
नगर निगम के निलंबित एमटीपी देसराज ने मेयर बख्शी राम अरोड़ा पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जोशी कॉलोनी में बेचे गए 4067 गज प्लाट में डेढ़ करोड़ रुपए रिश्वत की डील की थी, 50 लाख रुपए बतौर पेशगी भी लिए थे। मामला निकाय मंत्री अनिल जोशी तक पहुंचा तो मेयर ने पेशगी की रकम वापस कर दी। तभी तो 80 हजार रुपए गज वाली जमीन को मात्र 36,500 रुपए प्रति गज में बेच दिया गया। हालांकि देसराज ने मेयर पर लगाए गए आरोपों के दस्तावेज पेश नहीं किए हैं, लेकिन कहा है कि जरूरत पडऩे पर वह अपने कहे हरेक शब्द को साबित कर देंगे।
देसराज ने कहा कि उन्हें एसटीपी हेमंत बतरा ने 26 अप्रैल 2013 को सुबह निगम के पूर्व कमिश्नर भूपिंदर सिंह राय की कोठी में बुलाया था, जहां पर बतरा और राय के अलावा मेयर बख्शी राम अरोड़ा भी मौजूद थे। बतरा ने कहा था कि तुम हम तीनों को 3-3 लाख रुपए प्रति माह बतौर रिश्वत दो या एमटीपी का पद छोड़ दो। रिश्वत न देने पर पहले सभी अधिकार वापस ले लिए और बाद में सस्पेंड कर दिया गया। जिस एनओसी जारी किए जाने को आधार बना कर उन्हें सस्पेंड किया गया है, वह उन्होंने जारी ही नहीं किया। अब उन पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह नहीं झुकेंगे और इंसाफ लेकर रहेंगे। इसके लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट में ही क्यों न जाना पड़े। देसराज ने मंत्री अनिल जोशी पर भी आरोप लगाए हैं कि निगम में हो रहे भ्रष्टाचार की उन्हें पूरी जानकारी है। शहर में हो रहे अवैध निर्माण उन्हें नजर नहीं आते। निगम में कई पार्षद अपने या रिश्तेदारों के नाम पर ठेके ले रहे हैं, यह भ्रष्टाचार नहीं तो और क्या है। दो अधिकारियों पर 34 पार्षद खुलेआम भ्रष्ट होने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन जोशी का समर्थन होने के कारण इनका बाल भी बांका नहीं हुआ। जबकि उन्हें अकारण ही हटा दिया गया। पार्षद अमन ऐरी के पेट्रोल पंप से निगम की गाडिय़ों में तेल डाले जाने को भी उन्होंने गलत बताया। देसराज ने कहा कि मंत्री उन्हें टर्मिनेट करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि निगम में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से करवाई जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।
देसराज ने कहा कि मेयर समाचार पत्रों में बयान दे रहे हैं कि वह मानहानि का दावा करेंगे। इतने दिन बाद भी वह मानहानि का केस करने से क्यों पीछे भाग रहे हैं। देसराज का आरोप है कि हाल ही में 17 जनवरी को इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुई नीलामी में 383 गज के 4 प्लाटों की बोली में बड़ी धांधली की गई है। यह प्लाट अमन ऐरी के कहने पर कम रेट पर छोड़ दिए गए।
इस संबंध में ट्रस्ट के एसई भारत भूषण का कहना है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। आप ईओ से संपंर्क कर लें। ईओ अरविंद शर्मा के फोन नंबर 81465-55610 पर बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
मैंने कभी किसी से रिश्वत नहीं ली : अरोड़ा
मेयर बख्शी राम अरोड़ा ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहां कि उन्होंने कभी किसी से कोई रिश्वत नहीं ली। देसराज द्वारा लगाए गए रिश्वत संबंधी आरोपों का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्होंने अपना बयान दाखिल करवा दिया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद ही वह कोई फैसला करेंगे कि उन्हें देसराज पर मानहानि का केस करना है या नहीं। किसी पार्षद को निगम से कोई काम अलाट हो सकता है या नहीं, इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
एक माह में आएगी रिपोर्ट : अनिल जोशी
निकाय मंत्री अनिल जोशी का कहना है कि देसराज बौखलाहट में बयानबाजी कर रहा है। जोशी कॉलोनी की जमीन की जांच वह निकाय विभाग के चीफ विजिलैंस विभाग को आज सौंप दी है, जिसकी रिपोर्ट एक माह में आ जाएगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माणों का पता लगाने एसटीपी को भेजेंगे
कमिश्नर डीपीएस खरबंदा का कहना है कि अवैध निर्माणों का पता लगाने के लिए वह एसटीपी और एमटीपी को भेजेंगे, जहां भी बिना नक्शे के निर्माण रहे होंगे, उन पर नियमों अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
॥मेयर समाचार पत्रों में बयान दे रहे हैं कि वह मुझ पर मानहानि का दावा करेंगे। इतने दिन बाद भी वह मानहानि का केस करने से क्यों पीछे भाग रहे हैं।
देसराज, निलंबित एमटीपी