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आठ लाख में किडनी लगवाई थी और १ आंख की रोशनी चली गई

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - अमृतसर
बहुचर्चित किडनी कांड में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दो गवाहों ने अपने बयानों में कहा कि किडनी लेने के लिए आठ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इनमें एक महिला सुरिंदर कौर शामिल है, जिसके पति सरबजीत सिंह को किडनी दी जानी थी। लेकिन उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी गवाही मस्त राम नामक व्यक्ति ने दी। इसने भी पैसे देकर किडनी ट्रांसप्लांट करवाई थी। न्यायाधीश नवजोत सोहल की अदालत में दोनों की गवाही दर्ज कर मामले की अगली तारीख 30 जनवरी दे दी है।
उक्त गवाह मस्त राम ने कहा कि किडनी लेने के लिए उन्होंने डॉ. पीके सरीन, डॉ. पीके जैन, डॉ. भूपिंदर सिंह, डॉ. भूषण अग्रवाल ने कहा था कि वह पैसे जमां करवा दें तो उसे किडनी मिल जाएगी। इसके तहत उसके पास से 8 लाख रुपये की मांग की गई थी।
उसे किडनी भी लगाई गई, लेकिन बाद में उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। इसी तरह सुरिंदर कौर ने अदालत को बताया कि उनके पति को किडनी देने के लिए भी 8 लाख रुपये की ही मांग की गई, लेकिन उससे पहले ही उनके पति की मौत हो गई थी। इसके अलावा कोर्ट की ओर से लगाए गए बोर्ड ऑफ डॉक्टर में से सरकारी मेडिकल कालेज के डॉ. खुशविंदर सिंह ने भी गवाही दी और डॉ. ओपी महाजन को अनफिट बताया है। गौर हो कि अदालत ने डाक्टरों का एक बोर्ड गठित कर ओपी महाजन का चेकअप करने के लिए कहा था।