कंपनी बाग में 26 जनवरी को हुई मारपीट
भास्कर न्यूज - अमृतसर
गणतंत्र दिवस के मौके पर कंपनी बाग में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर भीड़ के रूप में आए सैकड़ों लोगों ने आम आदमी पार्टी ((आप)) के कार्यकर्ताओं की टोपियां छीन लीं और उन्हें पैरों तले रौंदते हुए उनसे मारपीट शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने भाग कर इधर-उधर छिप कर अपनी जान बचाई। मामले की जानकारी मिलते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को तुरंत पकड़ लिया और भड़की भीड़ को खदेडऩा शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस भीड़ पर काबू पाने में सफल हो सकी। इस पूरे विरोध के पीछे भगवान वाल्मीकि क्रांति सेना के होने की बात कही जा रही है। आप के जिला कोआर्डिनेटर अशोक तालवाड़ ने कहा कि वे सुबह 10.30 बजे कंपनी बाग स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बुत के पास झंडा फहराने गए थे। उसी दौरान कुछ लोग आप की टोपी पहने हुए आए और कहा कि झंडा अभी न फहराओ, हमारे कुछ और लोग आ जाते हैं तब फहराना। वे कुछ वक्त के लिए रुक गए। इसके बाद यह लोग हुजूम की शक्ल में मोदी और भाजपा के नारे लगाते हुए आ गए। इन लोगों ने झंडे को अपमानित किया और टोपी फाड़ी। इन लोगों ने पोस्टर भी बांटे। ये लोग भाजपा के हो सकते हैं।
क्योंकि इन्हें लग रहा है कि आप पार्टी कांग्रेस को लाभ पहुंचा रही है। भगवान वाल्मीकि क्रांति सेना के मुखी सरवन गिल का कहना है कि वे विरोध करने गए थे मगर उन्होंने न तो झंडे का अपमान किया और न ही टोपी का। उनका विरोध कुमार विश्वास की तरफ से
भगवान वाल्मीकि पर की गई टिप्पणी और प्रशांत भूषण की तरफ से कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणी के खिलाफ था। थाना सिविल लाइन प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान, गाली-गलौज करने और धमकी देने के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान करवाई जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विरोध - क्रांति सेना के सदस्यों ने अरविंद केजरीवाल के पोस्टर जलाए।