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इस्लामाबाद के पावरकॉम शिकायत केंद्र में मौत से दो कदम दूर बैठते हैं कर्मचारी

7 वर्ष पहले
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अनिल शर्मा - अमृतसर
उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे करने वाला पावरकॉम अपने कर्मचारियों के लिए शिकायत दफ्तर का इंतजाम करने में असहाय नजर आ रहा है। यही कारण है कि इस्लामाबाद सब डिवीजन में विभाग का शिकायत दफ्तर खस्ताहाल कमरे में चल रहा है। इसमें चार बस बार ((कंडक्टर जिसमें से बिजली जाती है)) और 500 केवीए का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इलाका के जेई और दूसरे कर्मचारी इसी कमरे में बैठते हैं। यहां लगी बस बार जिसमें बिजली का करंट दौड़ता है, से दो कदम की दूरी पर जेई की कुर्सी और एक टेबल के आगे तीन कुर्सियां रखी हुई हैं। अगर किसी भी समय बस बार या ट्रांसफार्मर में फ्लैश हो जाए तो कर्मचारियों की जान पर बन सकती है। लेकिन इस सबसे बेपरवाह विभाग के अधिकारी इस और गंभीर दिखते नजर नहीं आ रहे। पिछले करीब दो महीने से यहां शिकायत केंद्र का कोई पक्का इंतजाम नहीं है। इससे पहले इसके ठीक सामने एक डीजे की दुकान में शिकायत केंद्र चलता रहा।
पहले था सब डिवीजन दफ्तर
इस्लामाबाद इलाके में पिछले करीब तीन दशकों से बिजली विभाग का दफ्तर था जिसकी बिल्डिंग में एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारियों के कमरों के अलावा शिकायत दफ्तर भी बना हुआ था। इलाके के बिजली बिल भी
इसी दफ्तर में जमा करवाए जाते थे। करीब एक महीने पहले इस इमारत को गिरा दिया
गया क्योंकि यहां 66 केवी बिजली घर बनने जा रहा है। इमारत को गिराने के बाद इस्लामाबाद सब डिवीजन को हाल गेट बिजली घर में
शिफ्ट कर दिया गया और यही बिल काउंटर भी बना दिया, लेकिन इलाके के शिकायत केंद्र को यही रहने दिया गया। विभाग के नोटिस में होने के बावजूद पहले से शिकायत केंद्र के लिए किसी पक्की जगह का इंतजाम नहीं किया गया।
यह होती है बस बार
बस बार एक तरह का कंडक्टर होता है जिसमें से बिजली का प्रवाह चलता रहता है। इस बस बार में अलग अलग इलाके के इलेक्ट्रिक सर्किट होते हैं। जब भी कोई फाल्ट हो या लोड अधिक हो जाए तो संबंधित इलाके के बस बार का स्विच ट्रिप कर जाता है और इलाके की लाईट बंद हो जाती है। फाल्ट ठीक होने पर इसका स्विच लगा दिया जाता है। ट्रिपिंग के दौरान अगर फ्लैश हो जाए तो वहां मौजूद कर्मचारी की जान को खतरा हो सकता है। नियमों के मुताबिक किसी भी बस बार स्टेशन में डयूटी पर मौजूद कर्मचारी को बस बार से करीब 10 फीट की दूरी पर रहना होता है। इस्लामाबाद दफ्तर में लगे चार बस बार में से तीन बंद हैं लेकिन एक काम करता है।




करीब 18 हजार उपभोक्ता

इस्लामाबाद और इसके आसपास के इलाकों में 18 हजार के करीब उपभोक्ता हैं। इन्हें बिजली संबंधी शिकायत के लिए इस्लामाबाद में बने शिकायत केंद्र की सेवाएं लेनी पड़ती हैं। इन इलाकों में किशन कोट, इस्लामाबाद, हरिपुरा, छोटा हरिपुरा, नवां कोट, बारां मकान, शिव नगर कॉलोनी, नीवीं आबादी, पुतलीघर का एक बड़ा हिस्सा और ग्वाल मंडी शामिल है।



किराए पर जगह लेने के लिए प्रयास कर रहे हैं : एसई सतीश

सिटी सर्किल के एसई सतीश कुमार चावला का कहना है कि शिकायत केंद्र के लिए किराए पर जगह का इंतजाम किया जा रहा है। अगले महीने तक जगह की व्यवस्था

हो जाएगी।

इस्लामाबाद सब डिवीजन के शिकायत केंद्र में बैठने वाले कर्मचारियों की जान 24 घंटे जोखिम में रहती है, खस्ताहाल कमरे में बस बार के पास लगी कुर्सियां-टेबल और पास ही है 500 केवीए का टंासफार्मर।