- Hindi News
- होटल की बजाय शहर के घरों में भी ठहर पाएंगे विदेशी टूरिस्ट
होटल की बजाय शहर के घरों में भी ठहर पाएंगे विदेशी टूरिस्ट
भास्कर न्यूज - अमृतसर
देश-विदेश से आने वाले सैलानी और श्रद्धालु अब होटलों में ठहरने की बजाय लोगों के घरों में ठहरेंगे। यहां उनको ठहरने से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था होगी। पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड ने अपनी चार साल पुरानी स्कीम ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ को फिर से लागू कर दिया है। इससे लोगों को रोजगार, आगंतुकों को बेहतर पारिवारिक माहौल और यहां की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक खूबियों की जानकारी भी मिलेगी। इस स्कीम को अमृतसर के अलावा मोहाली और पटियाला में शुरू किया जा रहा है। सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2010 में इस स्कीम के साथ ही फार्म हाउस स्कीम भी शुरू की थी, मगर बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम नहीं चल पाई। जिला टूरिज्म अफसर बलराज सिंह का कहना है कि फार्म हाउस स्कीम के कारण यह सिरे नहीं चढ़ी, मगर अब इसे सफल बनाया जाएगा।
ये बनेंगे मेजबान
जिला टूरिज्म आफिस में बुधवार को बलराज सिंह, बोर्ड के डिप्टी मैनेजर इंजी. हरजिंदर सिंह और श्री दशमेश पिता सेवा प्रचार ट्रस्ट के मुखी बाबा कुलवंत सिंह की मौजूदगी में प्रीत विहार निवासी जीएस सप्पल, चांद एवेन्यू निवासी विवेक मेहरा और संत एवेन्यू के रहने वाले गुरमुख सिंह को मेहमानों को ठहराने के लिए अधिकृत करते हुए सर्टिफिकेट दिए गए।
औपचारिकताएं और शर्तें
आगंतुकों को अपने यहां ठहराने के लिए बोर्ड की तरफ से 5,000 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस रखी गई है। रजिस्ट्रेशन के लिए व्यक्ति के पास एक से लेकर चार कमरे अतिरिक्त होने चाहिए, जबकि दूसरे कमरों में उसका परिवार भी रहना चाहिए। उसे अन्य भाषाओं के साथ अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। मेहमान परिवार में घरेलू सदस्य की तरह से रहेगा, जिस दौरान उसे यहां की मेजबान ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामरिक तथा और खूबियों के बारे में बताएगा।
बेड-ब्रेकफास्ट देना लाजिमी
बलराज सिंह ने बताया कि मेजबान की तरफ से मेहमान को सोने और ठहरने की व्यवस्था के साथ ब्रेकफास्ट वह भी पंजाबी दिया जाना लाजिमी है। इसके अलावा अगर मेहमान खाना खाना चाहे तो उसकी मर्जी के मुताबिक इसे भी दिया जा सकता है।
क्वालिटी के हिसाब से फीस
इसके लिए फिलहाल बोर्ड ने कोई फीस तय नहीं की है, यह मेजबान ही तय करेगा। बलराज सिंह का कहना है कि उनकी टीम इनके घरों और खानों की क्वालिटी पर नजर रखेगी और उसके हिसाब से बताएगी कि ली जाने वाली फीस ज्यादा तो नहीं है। जो लोग इस सेवा को मुहैया करवाएंगे उन पर बिजली, पानी, सीवरेज आदि की कामर्शियल फीस लागू नहीं होगी, बल्कि वह घरेलू फीस ही भरेंगे।
आर्थिक तौर पर मजबूत होंगे लोग
अमृतसर में रोजाना औसतन एक लाख से अधिक लोग आते हैं, जिसमें 1000-1200 विदेशी होते हैं। टूरिज्म विभाग से संपर्क में रोजाना 700 से 800 आते हैं, इसमें 250 के करीब विदेशी होते हैं। यह स्कीम विदेशियों के लिए बेहतर है और इस तरफ काफी संभावनाएं हैं। इससे लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
किराएदारों से बेहतर
॥घर खाली पड़ा है, किराएदार रखने से डर लगता है। बाहर के लोगों को ठहराएंगे तो सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा और कमाई भी होगी। यानी इससे एक पंथ दो काज को किया जा सकेगा।
- प्रो. जीएस सप्पल, ((रिटा.)) खालसा कालेज
जान सकेंगे-देश-दुनिया
॥इस स्कीम को लेकर बहुत उत्साह है। कमाई करना तो अलग बात है, मगर हम इससे देश-विदेश से आने वाले लोगों को जान सकेंगे। वह हमारे बारे में क्या और कैसे सोचते हैं की जानकारी घर बैठे ले सकेंगे।
-विवेक मेहरा, रियल इस्टेट
अपनी संस्कृति का होगा प्रचार
॥घरों में ठहरने वालों के जरिए हम पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत का प्रचार-प्रसार कर सकेंगे। इसकी मार्फत हम अपने ही नहीं बल्कि विदेशों तक के लोगों को परिवार के धागे में बांध सकेंगे।
- गुरमुख सिंह, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी