• Hindi News
  • ठेकेदारी सिस्टम के खात्मे को लेकर कर्मियों ने की नारेबाजी

ठेकेदारी सिस्टम के खात्मे को लेकर कर्मियों ने की नारेबाजी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज-!-बठिंडा
पीआरटीसी वर्कर्स यूनियन आजाद संबंधित लोक लहर ने अपनी मांगों को लेकर बठिंडा डिपो के मेन गेट पर धरना लगाकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए गुरदीप चहल, बिंदर मानसा, मक्खन सिंह व हरदीप सिंह ने कहा कि उनके द्वारा ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करने के लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। जिसके तहत संगठन के किसी भी कच्चे व पक्के कर्मी द्वारा 8 घंटे से अधिक ड्यूटी न करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा कच्चे कर्मियों के वेतन में जितनी वृद्धि की जाती है, उतना ही ठेकेदार व मैनेजमेंट द्वारा कटौतियां बढ़ा दी जाती हैं। इसेबर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूनियन के राज्य प्रधान जसमेर सिंह व महासचिव रुपिंदर सिंह ने कहा कि मैनेजमेंट द्वारा कच्चे कर्मियों को पक्का करने पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने का बहाना बनाया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि मैनेजमेंट 8 घंटे से अधिक ड्यूटी लेकर कर्मियों का शोसण कर रही है, जिस कारण अप्रिय घटनाएं घटित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में भी मुलाजिमों से अधिक ड्यूटी ली गई, तो उनके द्वारा संघर्ष को तीव्र किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ निजी आप्रेटरों द्वारा पीआरटीसी के रूटों पर धक्के से बसें चलाई जा रही हैं, जिस कारण विभाग को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर 8, 9 जनवरी को समूह डिपुओं व 10 जनवरी को पीआरटीसी के हेड ऑफिस पटियाला के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान हरबंस सिंह भोला ने भी संबोधित किया।
ये हैं इनकी मांग
: ठेकेदारी सिस्टम खत्म कर कच्चे कर्मियों को पक्का किया जाए।
: वर्करों को 8 घंटे की ड्यूटी के बाद ओवरटाइम के दोगुने पैसे दिए जाएं।
: पेंशन महीने की 10 तारीख तक दी जाए।
: अवैध चल रही बसों के परमिट रद्द किए जाएं।
: गैर कानूनी कटौतियां बंद की जाएं।
: नौकरियों से निकाले गए वर्करों को बहाल किया जाए।
: किलोमीटर योजना बंद की जाए।
: जीएम कपूरथला हरबख्श सिंह को हुए समझौते तहत सस्पेंड कर जेल भेजा जाए।
: शिकायत करने पर सिक्योरिटी के तौर पर 11 रुपए भरे जाए।
: पीआरटीसी में सीनियारिटी लागू की जाए।
: जायदाद बेचनी बंद की जाए।
: नई बसें हरियाणा रोडवेज की तर्ज पर डाली जाएं।
:समूह वर्करों को मान सम्मान दिया जाए।