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सिरसा-दिल्ली लाइन के इलेक्ट्रॉनिक फाटक से लोग हो रहे हैं परेशान

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बठिंडा
रेलवे द्वारा शहर में लोगों को हादसों से बचाने व उनकी सुविधा के लिए सिरसा दिल्ली रेलवे लाइन पर इलेक्ट्रॉनिक फाटक लगाया है, पर यह फाटक लोगों के लिए सुविधाओं की जगह दुविधा का कारण बन रहा है। सिरसा दिल्ली रेलवे लाइन वाला इलेक्ट्रानिक फाटक ज्यादा समय तक बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। यह फाटक बिना किसी कारण के बंद हो जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार तो जब किसी गाड़ी का समय भी नहीं होता तो भी यह फाटक बंद हो जाता है। इसके अलावा हमेशा गाड़ी जाने के काफी समय बाद फाटक खोला जाता है, जबकि गाड़ी आने से भी काफी समय पहले फाटक बंद कर दिया जाता है।
हुक फंस जाने पर नहीं खुलता फाटक
सिरसा व दिल्ली को जाने वाली लाइन का एक संयुक्त इलेक्ट्रानिक फाटक है। इसके साथ ही पटियाला व डबवाली को जाने वाली लाइनों के अलग अलग आम फाटक हैं। सिरसा दिल्ली लाइन का फाटक लगाने के बाद कई बार इसका हुक फंस जाता है, जिस कारण फाटक खुल नहीं पाता। फाटक का हुक फंस जाने के कारण वहां पर खड़े लोग फाटक के ठीक होने का इंतजार करते है। इस कारण लोग अपने किसी काम के लिए भी नहीं जा सकते।
हर रोज गुजरती हैं 25-30 ट्रेनें
सिरसा दिल्ली रेलवे लाइनों से हर रोज करीब 25-30 गाडिय़ां गुजरती हैं, जिस कारण यह फाटक अक्सर ही बंद रहता है। अगर कभी कभार फाटक का हुक फंस जाए तो लोगों को ओर भी ज्यादा परेशानी होती है। इस कारण अमरपुरा बस्ती, संगुआणा बस्ती, लाल सिंह बस्ती, शहीद उधम सिंह नगर, नरुआना रोड के लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है। इसके अलावा अपने कार्यों के लिए भी आने जाने वालों को काफी परेशानी होती है।
इस प्रकार करता है काम
दिल्ली सिरसा रेलवे लाइन पर लगे इलेक्ट्रानिक फाटक को वहां पर बनाए गए सी-केबिन में बैठा मुलाजिम गाड़ी आने से पहले बंद कर देता है। इसके बाद फाटक लॉक हो जाता है, जिसका कंट्रोल पावर केबिन के पास होता है।
इसके बाद जब गाड़ी सिगनल पार कर जाती है तो इसके पावर केबिन से लॉक खुल जाते हैं, जिसके बाद सी-केबिन में बैठा मुलाजिम फाटक को खोल देता है।



बिना गाड़ी के ही बंद हो जाता है फाटक, लोगों को खड़े रहना पड़ता है बेवजह