- Hindi News
- नहर प्रोजेक्ट को फंड नहीं ट्रैक पर नहीं चली साइकल
नहर प्रोजेक्ट को फंड नहीं ट्रैक पर नहीं चली साइकल
नरिंद्र शर्मा - बठिंडा
लोकसभा चुनाव को लेकर शहर में रखे जा रहे विकास प्रोजेक्टों के नींव पत्थर और उद्घाटन मतदाताओं को लुभाने तक तो ठीक हैं मगर इनकी असल सच्चाई सरकार के दावों से दूर है। डिप्टी सीएम ने 3 माह पहले जिस 40 करोड़ के नहर प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रख दो माह में काम शुरू करवाने का दावा किया था, उसे आज तक फाइनेंशियल मंजूरी ही नहीं मिली। यही नहीं 4 माह पहले जिसे साइकलिंग ट्रैक का डिप्टी सीएम ने खुद साइकिल चलाकर उद्घाटन किया, उसमें आज तक साइकिल नहीं पहुंचे।
4 माह बाद भी ट्रैक को नहीं मिले साइकिल : बीडीए ने 4.5 करोड़ की लागत से 2011 में साइकलिंग व जॉगिंग ट्रैक की योजना बनाई थी। अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट का काम काज का खुद सीएम ने जायजा लिया था। रोजग़ार्डन के साथ वाटर वक्र्स की डिग्गियों के बीच पड़ी खाली जगह का इस्तेमाल कर यहां पर भव्य जॉगिंग ट्रैक और साइकलिंग ट्रैक बनाया गया था। 23 सितंबर 2013 को डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने स्वयं साइकिल चलाकर इस जॉगिंग ट्रैक का उद्घाटन किया। उद्घाटन के समय बीडीए ने 10 साइकिल लाकर ट्रैक में बने शैड में रखे ताकि लोग इससे ट्रैक पर साइकलिंग का नजारा ले सकें। मगर उद्घाटन के तत्काल बाद यहां से साइकिल हटा दिए गए। 22 दिसंबर 2013 को बीडीए ने साइकलिंग ट्रैक को नगर निगम को हैंडओवर कर दिया। बीडीए ने इसके रखरखाव के लिए 6 लाख रुपये और 10 साइकिल भी निगम को दे दिए। मगर निगम ने फिर भी इस साइकलिंग ट्रैक को शुरू करने में रुचि नहीं दिखाई। साइकिल रोजगार्डन के स्टोर में पड़े हैं।
फंड न मिलने से 3 माह से शुरू नहीं हुआ नहर प्रोजेक्ट पर काम : डिप्टी सीएम ने 12 नवंबर 2013 को शहर के मध्य से गुजरने वाली सरहिंद नहर की बठिंडा ब्रांच को पक्का करने का नींव पत्थर रखा था। 40 करोड़ की लागत से नहर का शहर से जुड़ा करीब 22 किलोमीटर हिस्सा पक्का किया जाना था। डिप्टी सीएम ने घोषणा की थी कि दो माह के भीतर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। तीन माह से नहरी विभाग को इस प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित फंड की फाइनेंशिल मंजूरी नहीं मिली। इसके साथ ही जिले में रखे करीब 15 करोड़ के अन्य प्रोजेक्ट भी नींव पत्थरों तक ही सीमित होकर रह गए।