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निष्काम भक्ति से मिलेंगे प्रभु : पं. विजय गौड़
बठिंडा - गोपियों का प्रेम निष्काम है, इसीलिए उन्हें साक्षात भगवान श्री कृष्ण प्राप्त हुए। वास्तव में भगवान श्री कृष्ण की भक्ति का गोपियों द्वारा प्राप्त करना जीव का परमात्मा से मिलन है। जोकि भक्ति का सर्वोच्च शिखर है। उन्होंनें कहा कि वर्तमान समाज में लोगों में स्वार्थ की भावना अधिक है। इसी कारण समाज में भ्रष्टाचार व अन्य अवगुण बढ़ते जा रहे है, जो कि मानव समाज को पतन के मार्ग पर आगे ले जा रहे हैं। उन्होंनें कहा कि प्रभु भक्ति से समाज को उन्नति का मार्ग दिखाया जा सकता है। क्योंकि प्रेम ही परमात्मा का साक्षात रूप है। इन शब्दों के साथ भक्तों ने जय श्री हरि के नाम का संकीर्तन किया। मौका था पटेल नगर स्थित माता वैष्णो मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह का। उन्होंनें कहा कि मनुष्य को अपना समय ज्ञान दीप को प्रज्वलित करने में लगाना चाहिए, क्योंकि ज्ञान से विवेक व बुद्धि में स्वच्छता व प्रभु कृपा का वास होता है। स्वामी जी ने कहा कि निराशा और दुर्गुण भी अज्ञानता के कारण उत्पन्न होते हैं। मनुष्य को अपने आत्मचिंतन के माध्यम से ज्ञान दीप को प्रज्वलित करने का प्रयास करना चाहिए। ज्ञान ही परमात्मा प्राप्ति व मोक्ष का द्वार होता है। कथा आयोजन में पंडित विजय गौड़ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सुदामा प्रसंग, गोपी प्रसंग व निष्काम भक्ति के बारे में बताया। प्रवचन के बाद लंगर का आयोजन कर उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा गया।