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हाईकोर्ट ने जालंधर में कब्जे रेगुलर करने के लिए दिए तीन महीने
चंडीगढ़. जालंधर में 60 साल पुराने भार्गव कैंप में 525 कब्जे रेगुलर करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन माह का समय दिया है। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा, राशि का भुगतान कर कब्जे रेगुलर करने के लिए सरकार तीन महीने में अपनी कार्रवाई पूरी करे। देश की आजादी व बंटवारे के समय जालंधर में रहने के लिए जो रिफ्यूजी आए थे, वे भार्गव कैंप में ही रहे। उस समय के मुख्यमंत्री डॉ. गोपी चंद भार्गव के नाम पर इस जगह का नाम भार्गव कैंप पड़ा। पश्चिमी पाकिस्तान से आए रिफ्यूजी परिवारों को कॉमन शौचालयों की सुविधा के साथ दो मरला बैरक अलॉट किए गए थे। समय के साथ लोगों ने यहां अलग से शौचालय, बाथरुम व कमरे बना लिए। स्वयं सेवी संस्था सिटीजन वेलफेयर सोसायटी ने कब्जे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने शहर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।
सुनवाई के दौरान ही जालंधर नगर निगम की तरफ से जवाब दायर कर कहा गया कि समय समय पर पब्लिक स्ट्रीट से अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यातायात व्यवस्था में किसी तरह की कोई परेशानी न आए। भार्गव कैंप में अतिक्रमण को लेकर नगर निगम व रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों ने इलाके का दौरा करने के बाद अतिक्रमण नियमित करने की सिफारिश की थी। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया था कि 525 अतिक्रमण किए गए हैं। ऐसे में अतिक्रमण करने वालों से जमीन की कीमत वसूलने के बाद अतिक्रमण को नियमित कर दिया जाए।