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सीबीएसई स्कूलों को बोर्ड की सलाह - बच्चे शपथ लें मेंटल और फिजिकल हैरासमेंट का करेंगे मुकाबला

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जालंधर
सीबीएसई स्कूलों में बच्चे किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक हैरासमेंट से डरने
की बजाय उसका डट कर मुकाबला करें और उसके खिलाफ आवाज भी उठाएं। इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने देशभर के स्कूलों को सलाह दी है कि वह एक स्पेशल असेंबली में बच्चों से
शपथ लें।
शपथ यह कि वह अपने साथ होने वाले किसी भी दुव्र्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। न किसी को अभद्र शब्द बोलेंगे न सुनेंगे।
इसी के साथ सीबीएसई ने सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी करके कहा है कि स्कूल इसी शपथ को क्लास असेंबली में सारा साल दोहराया जाए। ताकि अगर किसी स्थिति में टीचर या फिर क्लासमेट या स्कूल के ही अन्य छात्र की ओर से कोई खराब व्यवहार किया जाता है तो वह बिना डरे अपनी बात प्रिंसिपल या अपने पेरेंट्स तक पहुंचा सकें।
अपनी ड्यूटीज और राइट्स के साथ खुद को रखें सुरक्षित :सीबीएसई का यह भी कहना है कि छात्र सिर्फ अपनी ड्यूटी और राइट ही नहीं समझें बल्कि खुद को सुरक्षित रखना भी सीखें।
सीबीएसई की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि किसी भी तरह का शोषण छात्र का मानसिक विकास रोक सकता है। जबकि बचपन ही वो समय है जब आपकी क्षमताओं का विकास होता है।
यह स्कूल, टीचर्स, और पेरेंट्स की जिम्मेदारी है कि छात्रों को किसी भी तरह के एब्यूज का सामना नहीं करना पड़े, लेकिन अगर ऐसा होता है तो छात्र आवाज उठाकर खुद को सुरक्षित रखना सीखें।




ऐसा माहौल हो कि खुल के बोल सकें बच्चे

-कुलवंत के कलसी, प्रिंसिपल, रॉयल वल्र्ड इंटरनेशनल

सीबीएसई का यह इनिशिएटिव अच्छा है, हालांकि हमारी कोशिश रहती है कि बच्चे किसी भी प्रकार से डरे नहीं और हर समय खुल कर अपनी बात टीचर्स या पेरेंट्स के सामने रखें। लेकिन एब्यूज के खिलाफ शपथ लेने से बच्चे इस बारे में और भी ज्यादा अवेयर होंगे।

एब्यूज फ्री वल्र्ड हर स्टूडेंट का है अधिकार

-मधु शर्मा, प्रिंसिपल, एपीजे स्कूल, रामामंडी

- सीबीएसई का यह इनिशिएटिव मुझे पसंद आया, लेकिन शपथ दिलाने से पहले मैं टीचर्स के जरिए स्टूडेंट्स को इस इश्यू की सीरियसनेस के बारे में बताएंगी, ताकि बच्चे समझ सकें कि जो शपथ वे ले रहे हैं, यह उनके खुद को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी की शपथ है।