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मेंटल लेवल नहीं मिलता, इसलिए नहीं रहना चाहते साथ

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जालंधर
आशी की बैठक में मंगलवार को एक ऐसा केस आया, जहां लड़ाई मेंटल लेवल के न मिलने से शुरू हुई थी और अब लड़की वालों के दहेज देने और लड़के वालों के दहेज न लेने के आरोपों तक पहुंच गई है। लड़की ज्यादा पढ़ी लिखी और तेज दिमाग की है, लेकिन लड़का उतना मैच्योर नहीं है। इसलिए दोनों अलग होना चाहते हैं। मामला आशी की बैठक में पहुंचा तो लड़की वालों का कहना था कि उन्होंने पांच लाख शादी में लगाया और दो लाख रुपए कैश दिए।
लड़के वाले इस रकम और खर्च से इनकार कर रहे हैं। बात करते करते इतनी बढ़ गई कि दोनों और से आए रिश्तेदार तू-तू मैं-मैं पर उतर आए। आशी की ओर से उन्हें समझाया गया, लेकिन न समझने पर मामला फैमिली कोर्ट में रैफर कर दिया गया। दूसरी शिकायत लेकर एक पिता आए, अपनी जमाईं को समझाने के लिए। ताकि वह शराब पीकर बेटी से मारपीट नहीं करे। उन्होंने कहा कि जमाईं को बुलाकर समझाया जाए, हालांकि उन्होंने सलाह ली और शिकायत अभी दर्ज नहीं करवाई। इस मौके पर काउंसलिंग के लिए सुमन सरीन, चंचल मल्होत्रा, शकुन ओबराय और लीगल एडवाइजर एडवोकेट वरिंदर सभ्रवाल मौजूद थे।