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गैस गीजर का सिलेंडर बाथरूम से बाहर फिट करवाएं
भास्कर न्यूज - जालंधर
सर्दियों में गैस गीजर का इस्तेमाल जानलेवा हो सकता है। भले ही इसके इस्तेमाल से बिजली की बचत होती है, लेकिन ध्यान न देने पर लोग इसकी गैस चढऩे से मर भी सकते हैं। क्योंकि सर्दी के कारण लोग अक्सर घर की सभी खिड़कियां बंद रखते हैं। बाथरूम में भी लोग वेंटिलेशन का ध्यान नहीं रखते हैं। इसकी वजह से हवा नहीं आ पाती। ज्यादातर लोग गैस गीजर चलाने के लिए सिलेंडर की फिटिंग भी अंदर ही करवा लेते हैं। इसकी जानकारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर मल्लियां कलां में तैनात मेडिकल अफसर डॉ. अनूप कुमार ने दी।
डॉ. अनूप बताते हैं कि गैस गीजर में चिमनी नहीं होने के कारण 2 से 5 फीसदी एलपीजी बिना जले बाथरूम या रसोई की हवा में फैल जाती है। यह गैस हवा में ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रसऑक्साइड गैसों में बदल जाती है। इनकी कोई बदबू या खुशबू नहीं होती। लेकिन यह गैस बेहद जहरीली होती हैं। सांस के जरिए आसानी से जहरीली गैसें शरीर में खून में मिल जाती हैं। जो जिगर, दिमाग, दिल और फेफड़ों पर बुरा असर डालती हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड खून के प्रमुख अंश हिमोग्लोबिन को कारबॉक्सी हिमोग्लोबिन में तबदील कर देती है। बाकी अंगों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। बिना किसी चेतावनी के दिल और दिमाग काम करना बंद कर देते हैं। अचानक बेहोश होकर गिर जाता है। मौत भी हो जाती है। रोजाना कम मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस सूंघने के मरीजों को सिरदर्द, दंदल, मिर्गी, दमा और पार्किंसन जैसे रोगों को लक्ष्ण देखने को मिलते हैं।
डॉ. अनूप कुमार
बेहोश को हवादार कमरे में रखें
डॉ. अनूप ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति गैस के कारण बेहोश होता है तो उसे तुरंत बाथरूम से बाहर निकाला जाए। हवादार कमरे में रखा जाए। नब्ज रुकने पर तुरंत सीपीआर ((कार्डियो-पुल्मिनरी रिस्यूरेशन)) तकनीक के जरिए दिल की मसाज की जाए। मुंह से नकली सांस दी जाए। उन्होंने बताया कि उनके मकान मालिक सिल्वर पाम के रहने वाले आरके पाटिल भी गैस गीजर के कारण ही बेहोश हो गए। उन्होंने भी तुरंत मौके पर सहायता दी गई और वह बच सके । उन्होंने भी गैस गीजर अंदर ही फिट कर रखा है।
बचाव : गैस प्वाइजनिंग से बचाव के लिए बढिय़ा क्वालिटी ब्रांड की चिमनी का आईएसआई प्रमाणित गैस गीजर ही लगाएं। गैस गीजर के इस्तेमाल के निर्देश सही पढ़े। गैर सिलेंडर को बाथरूम के अंदर फिट न करें। गर्म पानी की बाल्टी या टब भरने तक बाथरूम में जाएं। नहाते समय शावर का इस्तेमाल न करें। बाथरूम में हमेशा हवा क्रॉस हो। रोशनदान को खुला रखें।