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सुविधा सेंटर में बिना काम एंट्री बैन करने पर वकीलों ने की नारेबाजी
भास्कर न्यूज - जालंधर
सुविधा सेंटर में केवल आवेदक की एंट्री को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने सुविधा के बाहर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी भी की। सुविधा सेंटर को दुविधा सेंटर करार देते हुए वकीलों ने कहा कि सुविधा सेंटर के कर्मचारी वकीलों के साथ सहयोग नहीं करते। केवल आवेदक को ही अंदर जाने दिया जाता है उसके साथ आए लोगों को अंदर नहीं जाने दिया जाता। यहां तक कि वकीलों व उनके मुंशी को भी अंदर जाने से रोका जाता है। सुविधा की ओर से एफिडेविट के लिए 120 टोकन ही लगाए जाते हैं, जो बिलकुल गलत है। यह लोगों को परेशान करने का तरीका है। लोग सुबह सात बजे से ही टोकन लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं, लेकिन 120 टोकन से ज्यादा नहीं दिए जाते। बाकी लोगों को वापस भेज दिया जाता है।
वकीलों ने कहा कि सुविधा सेंटर के मैनेजर ने मनमानी करते हुए मैरिज रजिस्टर के फार्म पर वकीलों की गवाही का विकल्प ही हटा दिया है। उसकी जगह लंबरदार की गवाही जरूरी कर दी है। एसोसिएशन के सचिव सतनाम सिंह हुंदल ने बताया कि सुविधा कर्मियों ने बुधवार को एडवोकेट रणजीत सिंह सलूजा को सुविधा के अंदर जाने से मना कर दिया। धरना उठवाने के लिए सुविधा सेंटर पहुंचे एसडीएम-1 इकबाल सिंह संधू को वकीलों ने सारी बात से अवगत करवाया और उन्हें डीसी के नाम का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर एसोसिएशन के प्रधान मंदीप सिंह सचदेव, राजकुमार भल्ला, विक्रमजीत शौरी, संजीव कुमार, गुरमेल सिंह लिद्दड़, भूषण सेखड़ी, संजीव कंबोज, रणजीत सिंह सलूजा, जीएस परूथी, गुलशन सेठी, विवेक सूद, सतीश सोनकर मौजूद थे।