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टूट सकता है लोगों का इंडस्ट्री बनने का सपना
भास्कर न्यूज - लुधियाना
शहर की 70 एकड़ जमीन पर पंजाब के लघु उद्योग और निर्यात निगम का इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट, पिछले 16 वर्षों से इंडस्ट्री लगने की आस में है। 1997 में बनी आकली भाजपा रंजीत सिंह तलवंडी के कारण नगर कौंसिल की 100 एकड़ जमीन नाजायज कब्जों से मुक्त हुई थी। जिसमें से 70 एकड़ जमीन पंजाब लघु उद्योग के निर्यात निगम को सरकारी रेट पर इस आशा से बेच दी थी, कि रायकोट शहर का विकास होगा। फोकल प्वांइट में इंडस्ट्रियल यूनिट स्थापित करने के लिए और लोगों का रुझान देखते हुए, इस पूरी जगह पर सीवरेज डाला गया। स्ट्रीट लाइट्स लगाई गई और सड़कें बिछाने की तैयारी आरंभ कर दी गई। जितनी जल्दी से इसकी तैयारी आरंभ हुई, उतनी ही जल्दी इसका काम बीच में ही ठप हो गया। जिसकी गवाही वहां पड़ी हुई सीमेंट की बोरियां भरती है। इस संबंधी उस समय निगम अधिकारियों से कई बार पूछा गया। उनका कहना था कि यहां काम जल्दी शुरू किया जाएगा, पर सोलह साल का वक्त बीत जाने के बाद भी फोकल पॉइंट इंडस्ट्री लगने की आस में है। कुछ समय पहले पंजाब सरकार ने फैसला किया, कि यह फोकल प्वांइट लुधियाना की सिलाई मशीन उद्योग को अलॉट किया जाए, ताकि वह वहां सिलाई उद्योग लग सके। परन्तु सिलाई मशीन एसोसिएशन का यहां उधोग लगाने का कोई विचार नही था। रायकोट में कोई रेलवे की होंद न होने के कारण कच्चे माल की सप्लाई और तैयार माल को बाहर भेजने का किराया, उनसे सहन नही होगा। सरकार ने जिस सन पर फोकल पॉइंट बनाया है। पंजाब प्रदूषण बोर्ड इस जगह उद्योग लगाने की आज्ञा नही देता, क्योंकि इस को रिहायशी इलाके के नजदीक माना गया है, द जिस कारण इस स्थान पर उद्योग स्थापित करने की उम्मीद पूरी तरह धुंधली
पड़ चुकी है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि अगर इस जगह फोकल पॉइंट विकसित नही हो सकता, तो इस जगह को नगर कौंसिल को लोटा देना चाहिए। ताकि नगर कौंसिल इस जगह पर रिहायशी कॉलोनी विकसित कर एकत्र किए गए पैसे के ब्याज से शहर में विकास कार्य करवा सके।