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जांच में हुआ खुलासा, बैंक खातों में आए त्र१६७८ करोड़ पर बैलेंस जीरो

8 वर्ष पहले
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गौतम मुकेश-!-लुधियाना
बोगस बिलिंग की जांच शुरू होते ही इस मामले में कई खुलासे शुरू होने लगे हैं। इस जांच में सबसे चौंकाने वाला जो तथ्य सामने आया है, वह यह है कि बोगस बिलिंग के धंधे से जुड़े लोग इतनी चतुराई से अपने धंधे को अंजाम देते थे कि किसी को इनपर संदेह की गुंजाइश ही नहीं होती थी। इन लोगों ने निजी बैंकों में अपने कई खाते खुलवाए और इनसे पैसे निकलवाने के लिए नियमों के विपरीत करोड़ों रुपए निकाल भी लिया और अपना बैंक बैलेंस जीरो ही रखा। यह लोग प्रतिदिन करोड़ों का बिजनेस करते, बैंक में पैसा जमा होने पर उसी दिन ही सारा पैसा निकाल भी लेते। यही नहीं रिजर्व बैंक के निर्देशों के चलते यह लोग एक बार में 10 लाख की राशि नहीं निकलवा सकते। लेकिन सूत्रों का कहना है कि उक्त लोगों ने हर ट्रांजेक्शन 10 लाख से कम दिन में कई बार की और अपना बैंक बैलेंस जीरो रखा। इस घोटाले की जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त में बताया कि इन लोगों ने कथित तौर पर 4 निजी बैंकों में अपने खुलवाए खातों से खुद ही 1678 करोड़ रुपए सेल्फ चेक से निकलवाए हैं। विभाग को मिली बैक स्टेटमैंट से पता चलता है कि बोगस बिलिंग करने वाले प्रबंधकों ने प्रतिदिन होने वाली सेल से करोड़ों रुपए बैंक से सेल्फ चेक से निकलवाए हुए हैं। हैरानी जनक है कि करोड़ों रुपए की सेल करने वाली इन फर्मों का बैलेंस प्रति दिन जीरो हो जाता है। इस मामले में कुछ बैंक मुलाजिमों से भी पूछताछ हो सकती है।
नोटिस का भी नहीं दिखा कोई असर : इनोसेंट स्टील एसोसिएशन के महेश गुप्ता के अनुसार 2 अगस्त को सेल्स टैक्स विभाग की एईटीसी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में 6 ईटीओ व इंस्पेक्टरों की टीम ने नवदुर्गा इस्पात के परिसर में सर्वे किया था और वहां से अन्य तीन फर्मों आरती एलायस, भगवती स्टील व ओमेक्स मैन्यूफैक्चरिंग के दस्तावेज भी बरामद हुए थे। जांच के बाद नवदुर्गा इस्पात को लाखों रुपए का टैक्स जमा करवाने का नोटिस जारी किया था। उसके बाद भी यह लोग इन फर्र्मो में काम करते रहे। महेश ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने निजी बैंक की एक ही ब्रांच में कई खाते खुलावाए हैं और इन फर्मों में यह लोग 1678 करोड़ रुपए की राशि निकलवा चुके हैं। इस संबंध में वह इन्कम टैक्स विभाग को भी दस्तावेज देकर शिकायत करेंगे।



दो हजार करोड़ रुपए के घोटाले में जिन कंपनियों का नाम सामने आ रहा है , उस संबंध में पूरी जानकारी लेकर विशेष टीम की ड्यूटी लगाई जाएगी। डीईटीसी अमृत कौर गिल इसकी जांच कर रही हैं। कुछ कंपनियों को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके है। -अनुराग वर्मा, कमिश्नर सेल्ज टैक्स पंजाब



‘ए’ ने

चेक कैश

करवा

टैक्स के पैसे अपने पास रख ‘बी’ को नकदी वापस कर दी

एक ही व्यक्ति ने खोली दो कंपनियां

ऐसे समझें

इस बोगस बिलिंग से जुड़ी फर्मों के प्रबंधकों ने कुछ एक्सपोर्टरों को सरिये के बिल काटने के लिए वैट के सभी नियमों को ताक पर रख दिया है। बाजार में करीब 35 से लेकर 50 रुपए तक बिकने वाले सरिये की सेल उन्होंने 90 रुपए प्रति किलो दिखाई हुई है। ऐसे लोगों से बिल लेने के बाद कुछ एक्सपोर्टरों ने इस बिल के आधार पर अपनी सेल 100 से 120 रुपए प्रति किलो दिखाई हुई है। वैट नियमों के अनुसार चौथी स्टेज तक टैक्स क्लियर करने के लिए उन्होंने अपने से ही संबंधित चार फर्मों के साथ सेल-परचेज कर दी ताकि आखिरी एक्सपोर्टर उसके आधार पर वैट रिफंड ले सके और विभाग को शक भी न हो।

35 रुपए का सरिया बेच

दिया 90 रुपए में

2000 करोड़ रुपए बोगस बिलिंग घोटाले का मामला