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पुलिस कमिश्नर सीरियस नहीं हैं तो डीसी को खुद एफआईआर लिखवानी चाहिए

8 वर्ष पहले
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महाबीर सेठ - लुधियाना
कारोबारी संजय कुमार की डीसी दफ्तर में और फिर पुलिस चौकी में पिटाई पर एसीपी ध्रुमन निंबले के समझौता कराने के तर्क को नार्थ इंडिया के टॉप एडवोकेट ने खारिज कर दिया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट्स ने सीधे तौर पर लुधियाना में लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल खड़े किए हैं। एडवोकेट्स कहते हैं कि मिनी सचिवालय में ड्राइविंग लाइसेंस फॉर्म ब्लैक में बेचने की डीसी से शिकायत पर अगर कारोबारी को पीटा जाता है, तो सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत करने का साहस कौन करेगा? अगर मामले में पुलिस कमिश्नर सीरियस नहीं हैं तो डीसी को खुद एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए। डीसी रजत अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद भी पुलिस ने इस बारे में बुधवार को भी कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि कारोबारी ने इस मामले में खुद पर दबाव बना कर समझौता करवा कर मामले को दबाने का आरोप लगाया था, ऐसे में कानूनी माहिर भी पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
पुलिस का इमोशनल अत्याचार : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट्स ने कहा कि यह पुलिस का इमोशनल अत्याचार है। पुलिस कारोबारी संजय के बेटे के प्रति सहानुभूति दिखाने की आड़ में खुद का बचाव कर रही है। संजय का बेटा 18 साल का है, उसी का डीएल बनवाना था।
अब पुलिस मारपीट में उसे शामिल कर संजय को बैकफुट पर आने को विवश कर दिया है। क्योंकि इस पूरे मामले में पुलिस भी फंसती है, इसलिए इसमें समझौता करवाने का दबाव बनाया गया है।
डिप्टी सीएम की मीटिंग में व्यस्त हैं पुलिस कमिश्नर : पुलिस कमिश्नर निर्मल सिंह ढिल्लों को यह मामला गंभीर नहीं लगता है। डीसी रजत अग्रवाल के फोन के बाद भी पुलिस इसे रफा-दफा करने की कोशिश में जुटी है। पुलिस कमिश्नर को जब फोन किया गया तो उन्होंने डिप्टी सीएम की मीटिंग का हवाला देकर एसीपी ध्रुमन निंबले से बात करने को कहा।



डीसी ने इस मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। ऐसा मुझे पता चला है। अगर इसके बावजूद पीडि़त पक्ष का आरोप सही है कि पुलिस चौकी में मारपीट की गई व दबाव बना कर समझौता करवाया गया है तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।

एडवोकेट पीएस घुम्मण, प्रधान, बार एसोसिएशन

लुधियाना में लॉ एंड ऑर्डर नहीं रहा

पुलिस समझौता कराने की परंपरा खत्म करे

यह फार्म के सरकारी रेट

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