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सरकार की वादाखिलाफी से भड़के टीचर्स संगठन
भास्कर न्यूज - लुधियाना
पंजाब सरकार की ओर से टीचर्स संगठनों की मांगों को नजरअंदाज करने और लगातार वादा करके उसपर अमल न करने की नीति ने टीचर्स संगठनों का गुस्सा एक बार फिर भड़का दिया है। सरकार की वादाखिलाफी से खफा हुए टीचर्स संगठनों ने गणतंत्र दिवस से अपनी रैलियां करने का ऐलान कर दिया है।
टीईटी यूनियन ने अपने संघर्ष की शुरुआत लुधियाना से करने का ऐलान किया है, जिसमें वह लुधियाना में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पोल खोल रैली निकाल कर पंजाब सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक
करेंगे। जिला प्रधान दीप राजा ने बताया कि टीईटी यूनियन लुधियाना में करवाए जा रहे राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएंगी।
वहीं एसएसए, रमसा और सीएसएस टीचर्स यूनियन ने भी अपने संघर्ष की बिगुल बजा दिया है। जिसमें उन्होंने लुधियाना से राज्य स्तरीय रैली करके अपने संघर्ष को एक बार फिर तेज करने का ऐलान कर दिया है। यूनियन के जिला प्रधान अमनदीप सिंह दुदापुरा ने बताया कि दो फरवरी को लुधियाना में राज्य स्तरीय रैली की जाएगी। जिसमें पिछले पांच वर्षों से अलग-अलग स्कूलों में अपनी सेवाएं निभा रहे राज्य के लगभग 14000 अध्यापक अपने रेगुलर करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरेंगे। लेकिन पंजाब सरकार लगातार बातचीत करने के बाद भी उनको रेगुलर करने के लिए तैयार नहीं है।
पंजाब एडेड स्कूल टीचर एंड अदर इंप्लाइज यूनियन ने भी रामपुरा फूल में अपने संघर्ष का बिगुल बजाने के बाद अब बठिंडा की तरफ रुख करने का ऐलान किया है। एडेड स्कूल टीचर यूनियन की जरनल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह के मुताबिक जब तक पंजाब सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती वह लगातार अलग-अलग जिलों में रैली करते रहेंगे।
अब वह दो फरवरी को बठिंडा में रैली करके अपना विरोध जताएंगे। दो फरवरी की रैली के दौरान ही स्टेट बाडी की मीटिंग में अपनी रैली का ऐलान किया जाएगा। शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक यूनियन ने भी पिछले दिनों हुई मीटिंग में पंजाब सरकार को घेरने की तैयारी की ऐलान किया है। जिसके तहत दो फरवरी को बठिंडा में रैली करके पंजाब सरकार के अडिय़ल रवैये का जबाव दिया जाएगा और अपनी जायज मांगों को लेकर रैली निकाली जाएगी।