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- सुभाष जयंती पर आजाद हिंद फौज के सिपाही नरिंदर सिंह सम्मानित
सुभाष जयंती पर आजाद हिंद फौज के सिपाही नरिंदर सिंह सम्मानित
नदीम अंसारी - लुधियाना
वीरवार को आजाद हिंद फौज के नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर शहर के ढोलेवाल इलाके में खासी गहमागहमी नजर आई। कई संस्थाओं के प्रतिनिधि वहां एक बुजुर्ग नरिंदर सिंह का सम्मान करने पहुंचे थे। दरअसल उनके लिए यह बुजुर्ग इसलिए खास हैं कि वह खुद को नेताजी की फौज का सिपाही बताते हैं। अपने दावे की तस्दीक के लिए उनके पास दस्तावेजी सबूत भी हैं, मगर उनको बुढ़ापा पेंशन तक नहीं दी गई।
दस्तावेजी सबूत व बुजुर्ग नरिंदर सिंह के मुताबिक वह रावलपिंडी के दोवेहार कलां इलाके में जन्मे थे। जंगे आजादी के दौरान सन 1942 में वह आजाद हिंद फौज में भर्ती हुए थे। कई बार नेताजी से मिले व पांच साल फौज में रहकर मैडम भी हासिल किए। बंटवारे के दौरान मारकाट मची तो परिवार के 24 सदस्य खोकर वह अपनी बहन के साथ जान बचा भटकते लुधियाना आ गए। उजड़ते वक्त उनके मैडल व अन्य सबूत गुम हो गए थे, केवल फौैज में भर्ती का एक सार्टिफिकेट है। जिस पर उनका बैज नंबर 77986 दर्ज है।
ढोलेवाल के कारोबारी तरक्की लाल के स्वतंत्रता सेनानी पिता ने लोगों की मदद से सन 1950 में नरिंदर सिंह व उनकी बहन को सरकारी स्कूल में रहने की जगह दिलाई थी। बहन के निधन के बाद अकेले रह गए नरिंदर का दावा है कि उनकी उम्र 108 साल से ज्यादा हो चुकी है। मगर उनकी चुस्ती-फुर्ती देखकर ऐसा नहीं लगता। अपने पिता के निधन के बाद समाजसेवी तरक्की लाल थापर सारा खर्च उठाते थे, लिहाजा बुजुर्ग नरिंदर ने पेंशन लगवाने का प्रस्ताव रखा। उनके राजी होने पर पिछले साल 15 जून को तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर को इस बारे में एप्लिकेशन दी गई थी। जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में जानकारी लेने वाले इलाका निवासियों ने रोषपूर्वक आरोप लगाया कि प्रशासन बुजुर्ग नरिंदर के सार्टिफिकेट को संदिग्ध मान रहा है।
इन्होंने किया सम्मान
बुजुर्ग नरिंदर सिंह का सम्मान करने वालों में अजय सिद्धू-धार्मिक एकता वेलफेयर सोसाइटी, राजिंदर निहाला-पंजाब पीस कौंसिल, सरबजीत सिंह-हिंदू सिख अरोड़ा खत्री इंटरनेशनल, अनिता शर्मा-नवकिरण वूमेन वेलफेयर, कीमती रावल-मातड़ साथी जागृति मंच, श्रीपाल शर्मा-लुधियाना वेलफेयर आर्गेनाइजेशन के अलावा समाजसेवी बाबा गुरबचन सिंह, जनकराज चंदेल, नरिंदर सिंह उबी शामिल रहे।
बुजुर्ग नरिंदर सिंह के दावे-दस्तावेजी सबूत सही हैं या गलत, इसकी पड़ताल कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर आजाद हिंद फौैज में उनकी भर्ती के सार्टिफिकेट में बैज नंबर दर्ज है तो रिकार्ड से मिलान कर लिया जाए।---जगतार सिंह मठाड़ू, प्रेसिडेंट, साहिबजादा वेलफेयर सोसाइटी व इलाका निवासी
कैसा संवेदनहीन शासन-प्रशासन है, बुजुर्ग नरिंदर सिंह को देखकर ही उनकी उम्र का अंदाजा होता है। शासन-प्रशासन को भरोसा नहीं तो मेडिकल जांच कराए। कम से कम इस बुढ़ापा पेंशन ही लगाते एक बेसहारा बुजुर्ग जानकर, स्वतंत्रता सेनानी वाला सम्मान देना तो बाद की बात है।---मल्ल सिंह, ढोलेवाल गुरूद्वारा कमेटी के मेंबर