भ्रूण हत्या समाज में एक गंभीर समस्या
भास्कर न्यूज - लुधियाना
पंजाब में लड़कियों की तादाद लड़कों से कम होने के कारण बिगड़े लिंगानुपात में सुधार के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की थीं। जिसके चलते हालात संभले, मगर स्थिति में और सुधार के लिए अभी सरकारी योजनाओं पर गंभीरता से अमल करने की जरूरत है। पंजाब फेमली वेलफेयर डायरेक्टर डॉ.जतिंदर कौर ने यह बात कही। वह यहां गुरु नानकदेव भवन में राज्य स्तरीय पीसी पीएनडीटी वर्कशॉप को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि खासकर सूबे के गांवों में गलत सोच के चलते लड़कियों के जन्म होने पर उसकी खुशी मनाने की बजाए उसे बोझ माना जाता था। अब गांवों में सरकारी स्तर पर बच्चियों के सेहत मुकाबले कराए जाते हैं। सिविल सर्जन डॉ.सुभाष बत्ता ने पीसी पीएनडीटी एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इस एक्ट पर अमल के दौरान आने वाली मुश्किलों के हल भी सुझाए।