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बुलंदियों को छूकर भी अध्यात्म के बिना अधूरा है इंसान

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - लुधियाना
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा कैलाश नगर में सत्संग का आयोजन हुआ। जिसमें स्वामी रामशरणा नंद ने कहा कि आज इंसान ने हर बुलंदी को छुआ है पर इन बुलंदियों को प्राप्त कर लेना ही वास्तविक प्राप्ति नहीं है। क्योंकि अध्यात्म को जाने बिना इंसान का जीवन अपूर्ण है। जब इंसान अध्यात्म की शरण में जाता है तो उसके जीवन में आंतरिक बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि जब तक इंसान अच्छाई को अपने भीतर आरोपित नहीं करता तब तक वह वास्तविक जीत को हासिल नहीं कर सकता। यह बदलाव एक पूर्ण संत की शरण में जाकर ही हासिल हो सकता है। स्वामी जी ने बताया कि अंगूली मार डाकू के जीवन को भी सही दिशा तभी मिली जब उसके जीवन में महात्मा बुद्ध का आगमन हुआ। इसी परिवर्तन के कारण वह डाकू से भक्त बन गया। सत्संग में जाकर इंसान की सोच परिवर्तित होती है और जो इंसान सोचता है वही उसके कर्म में दिखाई देता है और कर्म के आधार पर ही इंसान का असतित्व निर्धारित होता है। सत्संग से इंसान की बुरी सोच भी अच्छाई में तबदील हो जाती है। स्वामी जी ने समाज में युवा वर्ग में बढ़ रही नशे की समस्या के प्रति चिंता जताते हुए कहा कि समाज का प्रत्येक वर्ग इस गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यदि इस समस्या को नियंत्रण ना किया गया तो इसके बहुत ही कुप्रभाव हमारे समाज को देखने को मिलेंगे।
अंत में साध्वी मनजीत भारती ने भजनों का गायन कर आई हुई संगत को निहाल किया। इस अवसर पर विशेष रूप में त्रिलोचन सिंह, कृष्ण कुमार, संदीप सिंह ढिल्लों, रणजीत सिंह, मनप्रीत सिंह ढिल्लों, सर्बजीत सिंह, गगनजीत सिंह, सतनाम सिंह, प्रीतम सिंह, कुलविन्द्र सिंह मौजूद रहे। सत्संग को विराम प्रभु आरती से दिया गया।