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ज्ञानी पुरुष में सदैव आत्मिक दृष्टि होती है : बंटी बाबा
भास्कर न्यूज - लुधियाना
ज्ञानी पुरुष में सदैव आत्मिक दृष्टि होती है। ऐसे मनुष्य को शरीर के सुख-दुख कभी प्रभावित नहीं कर सकते। उसके लिए शरीर की स्थिति सदैव के लिए सहज हो जाती है। यह शब्द काकोवाल रोड स्थित न्यू अग्रवाल पीरखाना ट्रस्ट में बंटी बाबा जी ने साप्ताहिक चौकी के दौरान कहे। उन्होंने कहा कि आत्मिक दृष्टि से ही मनुष्य अपने भीतर परमात्मा के दीदार कर सकता है। क्योंकि प्रत्येक मनुष्य के भीतर भगवान विराजमान रहते है। उन्होंने कहा कि प्रेम बांटने से बढ़ता है। परमात्मा अपने भक्तों से प्रेम करते है। उनका अपने भक्तों के प्रति प्रेम कभी कम नहीं होता। इसलिए हमें भी बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक धर्म का आदर सम्मान करना चाहिए और परमात्मा की सेवा में कंजूसी नहीं बरतनी चाहिए। इस दौरान बंटी बाबा जी ने चिराग की रस्म अदा कर पीर बाबा जी को आदर की चादर भेंट की। इस मौके पर कव्वाल अनीस साबरी पीर बाबा जी के चरणों में हाजरी लगाने पहुंचे। यहां पर रवि गोयल, विनोद गायक, सुदेश गोयल, अनिल गोयल, अनिल धमीजा, प्रेम सिंगला, सोनू महाजन, अमित वर्मा, लवीश वर्मा, रमन शर्मा शैली बांसल मौजूद रहे।